Edited By Tanuja,Updated: 10 Jan, 2026 01:13 PM

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच महिलाओं ने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की तस्वीर जलाकर उसी आग से सिगरेट सुलगाने का अनोखा और साहसिक तरीका अपनाया है। यह प्रतीकात्मक विरोध आर्थिक संकट, दमन और धार्मिक पाबंदियों के खिलाफ खुली बगावत का संकेत है।
International Desk: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों ने अब एक नया, साहसिक और प्रतीकात्मक रूप ले लिया है। हाल के दिनों में सामने आए वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि ईरानी महिलाएं सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरों को जलाकर उसी आग से सिगरेट सुलगा रही हैं। यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे शासन के खिलाफ खुली बगावत के रूप में देखा जा रहा है। ईरान में खामेनेई की तस्वीर जलाना गंभीर अपराध माना जाता है। वहीं, महिलाओं का सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना भी सामाजिक और धार्मिक नियमों के तहत प्रतिबंधित है। ऐसे में यह कदम दोहरे स्तर पर सत्ता और धार्मिक व्यवस्था को सीधी चुनौती देता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह विरोध देश में गहराते आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई, कमजोर होती मुद्रा, बेरोजगारी और सरकारी दमन के खिलाफ जनता के आक्रोश का प्रतीक है। दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुए ये प्रदर्शन अब खामेनेई शासन के लिए पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं। इंटरनेट और टेलीफोन सेवाओं पर रोक, सुरक्षा बलों की सख्ती और गोलीबारी के बावजूद लोग सड़कों पर उतरकर नारे लगा रहे हैं। महिलाओं का यह नया प्रतीकात्मक प्रदर्शन 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए ‘महिला, जीवन, आज़ादी’ आंदोलन की अगली कड़ी माना जा रहा है। तब महिलाओं ने हिजाब जलाकर और बाल काटकर विरोध जताया था, जबकि अब यह विरोध सीधे सत्ता के केंद्र को निशाना बना रहा है।
ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को विदेशी ताकतों का एजेंट बताया है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा किए जाने पर कड़ी चेतावनी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों गिरफ्तारियां की गई हैं। खामेनेई की तस्वीर जलाकर सिगरेट सुलगाना अब केवल विरोध नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता, हिजाब कानून और पूरे धार्मिक शासन के खिलाफ खुली चुनौती का प्रतीक बन चुका है, जिसने वैश्विक स्तर पर भी ध्यान खींचा है।