Edited By Seema Sharma,Updated: 28 Jan, 2022 10:08 AM

चीन के वुहान के जिन वैज्ञानिकों ने साल 2019 में पहली बार covid-19 महामारी की खोज की गई थी, उन्होंने अब दक्षिण अफ्रीका में एक नए कोरोना वायरस ‘नियोकोव’ ( NeoCov)
की चेतावनी दी है।
इंटरनेशनल डेस्क: चीन के वुहान के जिन वैज्ञानिकों ने साल 2019 में पहली बार covid-19 महामारी की खोज की गई थी, उन्होंने अब दक्षिण अफ्रीका में एक नए कोरोना वायरस ‘नियोकोव’ ( NeoCov)
की चेतावनी दी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह नया वायरस पहले के मुकाबले ज्यादा खतरनाक होगा, इससे मृत्य दर और संक्रमण दर में बढ़ौतरी होगी। रूसी समाचार की एक रिपोर्ट के मुताबिक NeoCov वायरस नया नहीं है। MERS-CoV वायरस से ही संबद्ध, यह 2012 और 2015 में मध्य पूर्वी देशों में खोजा गया था और यह SARS-CoV-2 के समान है, जो मनुष्यों में कोरोना वायरस का कारण बनता है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक NeoCoV को दक्षिण अफ्रीका में एक चमगादड़ की आबादी में खोजा गया था और केवल इन जानवरों के बीच फैलने के लिए जाना जाता है, बायोरेक्सिव वेबसाइट पर प्रीप्रिंट के रूप में प्रकाशित एक नए अनपेक्षित अध्ययन से पता चला है कि NeoCoV और इसके करीबी रिश्तेदार PDF-2180-CoV मनुष्यों को संक्रमित कर सकते हैं।
वुहान यूनिवर्सिटी और चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज इंस्टीट्यूट ऑफ बायोफिजिक्स के शोधकर्ताओं के अनुसार, मानव कोशिकाओं में घुसपैठ करने के लिए वायरस के लिए केवल एक उत्परिवर्तन की आवश्यकता होती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक अच्छी एंटीबॉडी NeoCoV से रक्षा करने में कारगर होगी। चीनी शोधकर्ताओं के अनुसार, NeoCoV MERS-उच्च CoV की मृत्यु दर (यानि कि तीन में से एक की मौत की संभावना है)। रिपोर्ट में कहा गया है कि NeoCoV पर एक ब्रीफिंग के बाद, रूसी स्टेट वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर के विशेषज्ञों ने यह बयान जारी किया है।