Pregnancy test से लेकर डिलीवरी और 42 दिनों की देखभाल तक का पूरा खर्च उठाएगी सरकार, शंघाई ने लागू की नई new maternity policy

Edited By Updated: 10 Sep, 2026 12:47 PM

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चीन के वाणिज्यिक शहर शंघाई ने घटती जन्म दर और तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी की चुनौती से निपटने के लिए मातृत्व देखभाल को पूरी तरह मुफ्त करने की घोषणा की है। शहर की सरकार ने इस सप्ताह के शुरू में एक नई नीति लागू की, जिसके तहत गर्भावस्था जांच से लेकर...

बीजिंग: चीन के वाणिज्यिक शहर शंघाई ने घटती जन्म दर और तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी की चुनौती से निपटने के लिए मातृत्व देखभाल को पूरी तरह मुफ्त करने की घोषणा की है। शहर की सरकार ने इस सप्ताह के शुरू में एक नई नीति लागू की, जिसके तहत गर्भावस्था जांच से लेकर प्रसव और उसके बाद की देखभाल तक मातृत्व सेवाओं पर होने वाला पूरा व्यक्तिगत खर्च माफ कर दिया गया है। हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार, यह नीति केंद्र सरकार की उस पहल से आगे बढ़कर है, जिसके तहत इस साल के अंत तक देशभर में अस्पताल में प्रसव से जुड़ी बुनियादी सेवाएं सभी मरीजों के लिए मुफ्त करने का लक्ष्य रखा गया है। 

चीन यह कदम ऐसे समय उठा रहा है जब गिरती जन्म दर से पैदा हुआ जनसांख्यिकीय संकट देश की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि के लिए खतरा बन रहा है। शंघाई के नगर स्वास्थ्य ब्यूरो ने बताया कि अक्टूबर से शहर की चिकित्सा बीमा योजना में शामिल सभी महिलाओं को 4,500 युआन (करीब 671 अमेरिकी डॉलर) का मातृत्व भत्ता मिलेगा। यदि खर्च इससे अधिक होता है तो बाकी राशि मातृत्व बीमा के तहत वहन की जाएगी। ब्यूरो ने कहा कि प्रसव पूर्व जांच, अस्पताल में प्रसव और प्रसव के बाद 42 दिनों तक की देखभाल पर होने वाले खर्च की पूरी भरपाई की जाएगी। 

चीन की केंद्र सरकार ने पिछले साल देशभर में प्रसव के लिए शून्य व्यक्तिगत खर्च वाली नीति लागू करने का वादा किया था, लेकिन यह अभी तक पूरे देश में पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है। देश में घटती जन्म दर, कामकाजी उम्र वाली आबादी में कमी और बढ़ती जीवन प्रत्याशा ने जनसांख्यिकीय दबाव बढ़ा दिया है। इस गंभीर संकट के लिए सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की दशकों पुरानी एक-बच्चा नीति को भी जिम्मेदार ठहराया जाता है। आर्थिक प्रभाव को देखते हुए चीन ने 2016 में इस नीति को समाप्त कर सभी दंपतियों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दी थी।

 इसके बाद भी जन्म दर में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तब चीन ने 2021 में अपनी जनसंख्या नीति में बदलाव करते हुए दंपतियों को तीन बच्चे पैदा करने की अनुमति दे दी, ताकि अधिक बच्चे पैदा करने को लेकर लोगों की हिचकिचाहट कम हो सके। चीन के जनसांख्यिकीय संकट में तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी भी शामिल है। वर्ष 2025 के अंत तक देश में 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों की संख्या 32.34 करोड़ पहुंच गई थी, जो कुल आबादी का 23 प्रतिशत है। नए माता-पिता के लिए अनुकूल माहौल बनाने के उद्देश्य से केंद्र और स्थानीय सरकारों ने हाल के वर्षों में बच्चों की देखभाल के लिए सब्सिडी और लंबी मातृत्व छुट्टी समेत कई उपाय लागू किए हैं।  

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