Edited By Tanuja,Updated: 18 Jan, 2026 04:40 PM

चीन ने ताइवान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने वाली ‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’ ड्रिल कर स्पष्ट संकेत दिए हैं। इसी बीच ताइवान ने अपने आसपास PLA के कई विमान और नौसैनिक पोतों की मौजूदगी दर्ज की। ताइपे ने इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती बताया है।
International Desk: चीन और ताइवान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। चीनी विशेष बलों ने हाल ही में एक हाई-प्रोफाइल ‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’ अभ्यास किया, जिसमें ताइवान के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व को पकड़ने या खत्म करने का सिमुलेशन शामिल था। इस ड्रिल को बीजिंग की ओर से सीधा और सख्त संदेश माना जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने रविवार को बताया कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 9 विमान और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) के 9 युद्धपोत ताइवान के आसपास सक्रिय पाए गए। इनमें से तीन चीनी विमान ताइवान की ADIZ में घुस आए और मध्य रेखा पार की।
MND के अनुसार, एक दिन पहले शनिवार को स्थिति और अधिक गंभीर रही, जब 26 PLA विमान, 8 नौसैनिक पोत और एक आधिकारिक जहाज ताइवान के आसपास देखे गए। इनमें से 7 विमान ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में दाखिल हुए।इसके अलावा, एक चीनी सैन्य ड्रोन को भी ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश करते हुए देखा गया, जिसे रेडियो चेतावनी के बाद वापस लौटना पड़ा।
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने कहा कि वह देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन को ताइवान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी और सशस्त्र बल पूरी तरह सतर्क हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि ‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’ जैसे अभ्यास केवल सैन्य दबाव नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व को डराने और सत्ता परिवर्तन का संकेत भी हो सकते हैं, जिससे पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने का खतरा है।