Edited By Tanuja,Updated: 07 Mar, 2026 03:20 PM

ताइवान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप महासचिव Vincent Yi-hsiang Chao ने चेतावनी दी कि Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते तनाव का असर ताइवान की ऊर्जा सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है। उन्होंने Taiwan Strait में शांति...
International Desk: ताइवान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) के उप महासचिव Vincent Yi-hsiang Chao ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का प्रभाव केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर ताइवान की ऊर्जा सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि United States, Israel और Iran के बीच बढ़ता सैन्य और राजनीतिक तनाव वैश्विक स्तर पर अस्थिरता पैदा कर रहा है और इसके शुरुआती संकेत दुनिया की अर्थव्यवस्था में दिखाई देने लगे हैं। चाओ ने कहा कि ताइवान इस पूरे संकट को अपने क्षेत्रीय सुरक्षा हितों के दृष्टिकोण से देख रहा है। उनके अनुसार, Taiwan Strait में शांति और स्थिरता बनाए रखना ताइवान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि अगर मिडिल ईस्ट का संघर्ष जल्दी समाप्त होता है तो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संभावित तनाव को रोकने के प्रयासों पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा।ताइवान के सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए ताइवान अपने सहयोगी देशों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि ताइवान United States और अन्य क्षेत्रीय साझेदारों के साथ कूटनीतिक समन्वय बनाए हुए है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट का प्रभाव कम किया जा सके। ग्लोबल सप्लाई चेन पर संभावित प्रभाव को लेकर चाओ ने कहा कि ताइवान पहले से ही अपने व्यापार और आयात स्रोतों में विविधता लाने की नीति पर काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में ताइवान ने अमेरिका से आयात बढ़ाया, दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ व्यापार मजबूत किया और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत विकसित किए ताकि किसी एक अस्थिर क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके। चाओ ने चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट के तेल और गैस पर अत्यधिक निर्भर देशों के लिए यह संघर्ष बड़ा जोखिम बन सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में ऊर्जा स्रोतों और व्यापारिक साझेदारों में विविधता बेहद जरूरी है, और ताइवान इसी दिशा में अपनी नीतियों को आगे बढ़ा रहा है।