Edited By Tanuja,Updated: 22 Jan, 2026 11:52 AM

ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की धमकी वापस ले ली। ट्रंप ने नाटो के साथ आर्कटिक सुरक्षा पर समझौते का संकेत दिया और कहा कि बातचीत से समाधान निकलेगा, बल प्रयोग नहीं किया जाएगा।
Washington: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से आठ यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की अपनी योजना को रद्द कर दिया है। इससे पहले ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर “पूरा अधिकार और स्वामित्व” हासिल करने की बात कही थी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया कि आर्कटिक सुरक्षा को लेकर नाटो प्रमुख के साथ “भविष्य के एक समझौते की रूपरेखा” पर सहमति बन गई है। इसके चलते यूरोप और अमेरिका के बीच पैदा हुआ भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर अतिरिक्त बातचीत जारी है, जिसमें ‘गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा कार्यक्रम’ भी शामिल है। यह 175 अरब डॉलर की बहु-स्तरीय प्रणाली है, जिसके तहत पहली बार अंतरिक्ष में अमेरिकी हथियार तैनात किए जाने हैं। इसके बाद एक टीवी साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि यह “लंबे समय तक टिकने वाला समझौता” है और इससे अमेरिका की सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत होगी। हालांकि उन्होंने इसके विस्तृत ब्योरे नहीं दिए। विश्व आर्थिक मंच में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने ग्रीनलैंड के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया और नाटो को चेतावनी भी दी।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोप को बचाया था और ग्रीनलैंड की मांग “बहुत छोटी” है। हालांकि ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वह बल प्रयोग नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, “मैं ऐसा कर सकता हूं, लेकिन मुझे इसकी जरूरत नहीं है।” ट्रंप के बयानों के बाद नाटो महासचिव मार्क रुटे ने भरोसा दिलाया कि यदि अमेरिका पर हमला होता है तो नाटो उसके साथ खड़ा रहेगा। इसके कुछ ही समय बाद ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर शुल्क रद्द करने की घोषणा की और इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा फैसला बताया।