'मैंने 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई', ट्रंप का नया दावा – 200% टैरिफ की धमकी से रुका भारत-पाक युद्ध

Edited By Updated: 19 Feb, 2026 10:26 PM

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में बढ़े सैन्य तनाव को अपनी “टैरिफ नीति” की धमकी से रुकवाया।

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में बढ़े सैन्य तनाव को अपनी “टैरिफ नीति” की धमकी से रुकवाया। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश लड़ाई जारी रखते, तो वह उन पर 200 प्रतिशत टैरिफ (भारी आयात शुल्क) लगा देते। ट्रंप ने यह बयान अपने द्वारा शुरू किए गए संगठन “बोर्ड ऑफ पीस” के पहले कार्यक्रम में दिया। इस कार्यक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे।

 “मैंने 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई”

कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनके चीफ ऑफ स्टाफ के सामने कहा था कि “राष्ट्रपति ट्रंप ने 2.5 करोड़ (25 मिलियन) लोगों की जान बचाई, जब उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया।” ट्रंप ने दावा किया कि उस समय “युद्ध भड़क रहा था, विमान गिराए जा रहे थे।” उन्होंने कहा, मैंने दोनों को फोन किया। मैं प्रधानमंत्री मोदी को अच्छी तरह जानता हूं। मैंने उनसे कहा – अगर आप लोग यह मामला नहीं सुलझाते तो मैं आप दोनों के साथ कोई व्यापार समझौता नहीं करूंगा।

 “अगर लड़ोगे तो 200% टैरिफ लगाऊंगा”

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों को साफ शब्दों में चेतावनी दी थी कि अगर आप लड़ाई जारी रखते हैं तो मैं आपके देशों पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा। उन्होंने आगे कहा, “वे दोनों लड़ना चाहते थे। लेकिन जब बात पैसे की आई, तो पैसे जैसा कुछ नहीं होता। जब उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का अंदेशा हुआ, तो उन्होंने कहा – शायद हम लड़ना नहीं चाहते।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उस दौरान 11 जेट विमान गिराए गए थे और वे बहुत महंगे थे।

बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक

ये बयान ट्रंप ने “बोर्ड ऑफ पीस” की पहली बैठक में दिया। यह उनका एक नया अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसे वे संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसा एक शांति मंच बताते हैं। इस संगठन की सदस्यता के लिए भारत समेत कई देशों को निमंत्रण भेजा गया था। पाकिस्तान ने तुरंत ट्रंप के नेतृत्व वाले इस “बोर्ड ऑफ पीस” में शामिल होने का फैसला किया। पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पहले भी ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित कर चुके हैं और उनके शांति प्रयासों की सराहना की है।

भारत ने किया दावों से किनारा

हालांकि, भारत ने ट्रंप के इन दावों से दूरी बनाई है। भारत ने स्पष्ट किया है कि मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच जो सैन्य स्थिति बनी थी, उसे सुलझाने में किसी भी विदेशी शक्ति की मध्यस्थता नहीं थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही साफ कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच की स्थिति द्विपक्षीय थी और उसमें किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं हुई।

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