Edited By Mansa Devi,Updated: 19 Feb, 2026 02:11 PM

अमेरिका के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर ''बेतहाशा शुल्क लगाने'' के ''बहाने ढूंढ रहे हैं'' और उन्होंने उनसे इस नीति को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया।
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर ''बेतहाशा शुल्क लगाने'' के ''बहाने ढूंढ रहे हैं'' और उन्होंने उनसे इस नीति को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया। सांसद ब्रैड शेरमैन ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक 'पोस्ट' में लिखा, ''राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर बेतहाशा शुल्क लगाने के बहाने ढूंढ रहे हैं।'' प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति और वित्तीय सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्य शेरमैन ने कहा कि ट्रंप का दावा है कि भारत पर रूसी तेल के आयात के लिए शुल्क लगाया गया था।
उन्होंने कहा, ''हंगरी रूस से अपने कच्चे तेल का 90 प्रतिशत आयात करता है लेकिन उस पर कोई शुल्क नहीं है। चीन रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है, उस पर रूसी तेल खरीद से जुड़े प्रतिबंध नहीं लगाए गए, हालांकि उस पर अन्य कारणों से कार्रवाई की गई है।'' शेरमैन ने कहा, ''भारत रूस से अपने कच्चे तेल का सिर्फ 21 प्रतिशत प्राप्त करता है लेकिन हमारे सहयोगी को निशाना बनाया गया। राष्ट्रपति को यह नीति तुरंत बदलनी चाहिए।''
अमेरिका और भारत ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि उनके बीच व्यापार संबंधी एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा को लेकर सहमति बन गई है। इसी के साथ ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी करके रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क हटा दिए। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत की इस प्रतिबद्धता का उल्लेख किया कि वह रूस से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से तेल का आयात करना बंद करेगा और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदेगा। इस व्यापार समझौते के तहत, अमेरिका भारत पर पारस्परिक शुल्क की दर घटाकर 25 प्रतिशत से 18 प्रतिशत करेगा।