Edited By Mansa Devi,Updated: 19 Feb, 2026 04:24 PM

अमेरिकी मीडिया में ऐसी खबरें सामने आई हैं कि अमेरिका इस सप्ताहांत तक ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार हो सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने किसी भी हमले का औपचारिक आदेश नहीं दिया है।
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिकी मीडिया में ऐसी खबरें सामने आई हैं कि अमेरिका इस सप्ताहांत तक ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार हो सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने किसी भी हमले का औपचारिक आदेश नहीं दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक व्हाइट हाउस को जानकारी दी गई है कि अमेरिकी सेना आवश्यक तैयारियां पूरी कर चुकी है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई कर सकती है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ी सैन्य गतिविधियां
हाल के दिनों में मध्य पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। क्षेत्र में वॉरशिप, फाइटर जेट और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट की तैनाती की गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह सैन्य जमावड़ा संभावित ऑपरेशन की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी हमले की घोषणा नहीं की गई है।
ट्रंप ने अभी नहीं लिया अंतिम निर्णय
सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप अभी भी सैन्य कार्रवाई को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने सलाहकारों और करीबी सहयोगियों के साथ इस मुद्दे पर गहन चर्चा की है। वे संभावित हमले के फायदे और नुकसान दोनों पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सप्ताहांत तक कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा या नहीं। एक सूत्र ने कहा कि राष्ट्रपति इस विषय पर सोच-समझकर निर्णय लेना चाहते हैं।
पहले भी दे चुके हैं चेतावनी
ट्रंप पहले भी ईरान को कड़ी चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने यह संकेत दिया था कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत से ठोस नतीजे नहीं निकलते, तो सैन्य विकल्प पर विचार किया जा सकता है। ट्रंप ने बार-बार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि अमेरिका इसे गंभीरता से लेता है।
अमेरिका-इजरायल की संभावित रणनीति
हाल ही में ऐसी भी खबरें आई थीं कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार यह योजना पिछले वर्ष हुए 12 दिन के संघर्ष से भी व्यापक हो सकती है। अगर ऐसा कोई ऑपरेशन शुरू होता है, तो वह कई हफ्तों तक चल सकता है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कूटनीति बनाम सैन्य विकल्प
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में ईरान के साथ बातचीत की स्थिति पर और जानकारी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि कूटनीति राष्ट्रपति की पहली प्राथमिकता है, लेकिन सैन्य विकल्प पूरी तरह से खारिज नहीं किया गया है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें वाशिंगटन और तेहरान पर टिकी हुई हैं। अब यह देखना अहम होगा कि क्या बातचीत से समाधान निकलता है या स्थिति सैन्य टकराव की ओर बढ़ती है।