अमेरिका का कड़ा संदेशः “ईरान पर नहीं रुकेंगे हमले...अभी लंबा चलेगा खेल”, आतंकियों के हाथ में...

Edited By Updated: 08 Mar, 2026 07:04 PM

us white house official says a us iran war is a long term game

अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर व्हाइट हाउस अधिकारी के बयान ने नई बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे सुरक्षा और परमाणु खतरे से जोड़ते हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि ईरान के विशाल तेल भंडार भी इस संघर्ष का बड़ा कारण हैं। विशेषज्ञ इसे सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और...

Washington: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक व्हाइट हाउस अधिकारी के बयान ने नई बहस छेड़ दी है। ऊर्जा नीति से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह संघर्ष “लंबे समय का खेल” है और लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के विशाल तेल भंडार आतंकवादियों के हाथों में न रहें।  इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यह सवाल तेज हो गया है कि क्या वास्तव में यह संघर्ष सिर्फ सुरक्षा का मामला है, या इसके पीछे वैश्विक ऊर्जा राजनीति भी काम कर रही है। इसकी वजह है...

  • ईरान के पास विशाल तेल भंडार
  • ईरान दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल है।
  • अनुमान के अनुसार ईरान के पास दुनिया के कुल सिद्ध तेल भंडार का लगभग 10% हिस्सा है।
  • इसके अलावा प्राकृतिक गैस के भंडार भी दुनिया में सबसे बड़े भंडारों में गिने जाते हैं।
  • इसी कारण ईरान वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बेहद महत्वपूर्ण देश माना जाता है।

 

अमेरिकी अधिकारियों का तर्क
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का कहना है कि उनका उद्देश्य तेल पर कब्जा करना नहीं बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना है।उनके अनुसार ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बन रही है। ईरान पर आरोप है कि वह क्षेत्रीय मिलिशिया और प्रॉक्सी समूहों को वित्तीय और सैन्य सहायता देता है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्गों की सुरक्षा भी जरूरी है, क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल यहीं से गुजरता है। इसलिए अमेरिकी पक्ष कहता है कि संघर्ष का उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा और सैन्य खतरे को कम करना है।

 

आलोचकों का आरोप
दूसरी ओर कई विश्लेषक और आलोचक मानते हैं कि मिडिल ईस्ट के कई युद्धों के पीछे ऊर्जा संसाधन और तेल आपूर्ति हमेशा एक महत्वपूर्ण कारक रहे हैं।उनका कहना है वैश्विक शक्तियां तेल-समृद्ध क्षेत्रों में रणनीतिक प्रभाव बनाए रखना चाहती हैं। ऊर्जा आपूर्ति पर नियंत्रण से आर्थिक और राजनीतिक शक्ति बढ़ती है। इसलिए यह संघर्ष सिर्फ परमाणु कार्यक्रम या सुरक्षा तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति के कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष को किसी एक कारण से समझना मुश्किल है।उनके अनुसार यह तीन बड़े कारकों का मिश्रण है:-

  • सुरक्षा और सैन्य रणनीति
  • ईरान का परमाणु कार्यक्रम
  • वैश्विक तेल और ऊर्जा राजनीति

यानी यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि युद्ध केवल तेल के लिए है, लेकिन यह भी सच है कि ईरान के विशाल ऊर्जा संसाधन इस भू-राजनीतिक संघर्ष का अहम हिस्सा हैं।
 

 

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