सावन मास के 5 शनिवार हो सकते हैं कष्टकारी

Edited By Updated: 10 Aug, 2015 01:56 PM

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इस बार का सावन मास अपने आप में अनूठा माना जा रहा है। इस मास में अनूठी बात यह है कि एक लंबे अंतराल के बाद 2 नाग पंचमी होने का योग बना है तो साथ ही

इस बार का सावन मास अपने आप में अनूठा माना जा रहा है। इस मास में अनूठी बात यह है कि एक लंबे अंतराल के बाद 2 नाग पंचमी होने का योग बना है तो साथ ही 5 शनिवार भी आ रहे हैं। पंडित देवमित्र पांडेय हरे दरवाजे वाले और पंडित वासु शास्त्री की मानें तो श्रावण मास का आरंभ और समापन भी शनिवार से हो रहा है। पूरे मास में 5 शनिवार पडऩे तथा चतुग्रही युति का योग बनने के कारण इस देश एवं राज्यों पर प्रभाव पड़ेगा। वहीं 4 अगस्त और 20 अगस्त को आ रही नागपंचमी पर की जाने वाली पूजा-अर्चना का विशेष लाभ प्राप्त होता है।

खासतौर से कालसर्प योग से पीड़ित यदि चांदी का बना सर्प जोड़ा अर्पित करता है तो उन पर पड़ रहा कालसर्प योग का प्रभाव क्षीण हो जाता है। यह ऐसा पावन मास है जिसमें किसी को भी न बुरा सोचना चाहिए और न ही बुरा करना चाहिए। 

क्या पड़ेगा प्रभाव

देवमित्र पांडेय के मुताबिक श्रावण मास एक अगस्त से शुरू हो कर 29 अगस्त को समाप्त हो रहा है। इस प्रकार 1, 8, 15, 22 और 29 तारीख को शनिवार पड़ रहा है । ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक शनि ग्रह को अंधकार, संवेदना, निराशा, अधर्म, कृपणता, अस्वस्थ्ता और दुर्घटना का सूचक माना गया है। ज्योतिष के विद्वानों के मुताबिक शनिवार की 5 आवृत्ति कष्टकारी सिद्ध होगी। 

 

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