Edited By Mehak,Updated: 12 Jan, 2026 07:07 PM

बार-बार ब्लड प्रेशर मापना अपने आप में नुकसानदेह नहीं है, लेकिन जरूरत से ज्यादा और बिना वजह जांच करने से चिंता बढ़ सकती है. डॉक्टरों के अनुसार हाई बीपी के मरीजों को ही नियमित मॉनिटरिंग की जरूरत होती है. स्वस्थ लोगों के लिए रोजाना बीपी चेक करना जरूरी...
नेशनल डेस्क : आजकल सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ी है और इसी वजह से कई लोग बार-बार अपना ब्लड प्रेशर (BP) चेक करने लगे हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि BP मापना गलत नहीं है, बस इसे जरूरत और सही तरीके से मापना जरूरी है।
किन लोगों के लिए फायदेमंद है नियमित जांच?
जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, जो बीपी की दवाइयां ले रहे हैं या जिन्हें डायबिटीज, किडनी या दिल से जुड़ी बीमारी है, उनके लिए घर पर BP मॉनिटरिंग उपयोगी मानी जाती है। दवाओं की डोज बदलने के बाद कुछ दिनों तक सुबह-शाम BP मापना डॉक्टर अक्सर सलाह देते हैं।
कब नुकसानदेह बन सकती है यह आदत?
समस्या तब होती है जब स्वस्थ लोग बिना डॉक्टर की सलाह दिन में कई बार BP चेक करने लगते हैं। हर तनाव, सिरदर्द या हल्की बेचैनी पर BP मापने से 'Measurement Anxiety' हो सकती है, जिससे रीडिंग अस्थायी रूप से ज्यादा दिखने लगती है।
कितनी बार मापना है सही?
ज्यादातर हाई BP मरीजों के लिए कुछ दिनों तक दिन में एक या दो बार जांच काफी होती है। लंबे समय में हफ्ते में कुछ बार या डॉक्टर से मिलने से पहले रीडिंग लेना पर्याप्त माना जाता है।
बीपी कब जरूर जांचें?
अगर लगातार सिरदर्द, चक्कर, सीने में भारीपन, असामान्य थकान या दिल की धड़कन तेज लगे, तो उस समय ब्लड प्रेशर मापना मददगार हो सकता है।
घर पर बीपी मापते समय रखें ये सावधानी
बीपी जांच से पहले 5 मिनट शांति से बैठें। आधे घंटे पहले कैफीन, धूम्रपान या एक्सरसाइज से बचें। हाथ को दिल के स्तर पर रखें और भरोसेमंद डिजिटल मशीन का इस्तेमाल करें। बेहतर नतीजों के लिए दो रीडिंग लेकर औसत नोट करें।
डॉक्टरों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि समझदारी से की गई ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग फायदेमंद होती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा जांच चिंता और तनाव बढ़ा सकती है। मकसद सतर्क रहना होना चाहिए, डरना नहीं।