Edited By Rohini Oberoi,Updated: 11 Jan, 2026 03:37 PM

अगर आज आपकी सैलरी 1 लाख रुपये महीना है तो आप टियर-1 या टियर-2 शहर में एक सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं। घर की ईएमआई, बच्चों की फीस और राशन का इंतजाम हो जाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ठीक इसी तरह का जीवन जीने के लिए आज से 20 साल बाद आपको कितने...
Future Planning : अगर आज आपकी सैलरी 1 लाख रुपये महीना है तो आप टियर-1 या टियर-2 शहर में एक सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं। घर की ईएमआई, बच्चों की फीस और राशन का इंतजाम हो जाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ठीक इसी तरह का जीवन जीने के लिए आज से 20 साल बाद आपको कितने पैसों की जरूरत होगी? सच्चाई यह है कि महंगाई (Inflation) एक दीमक की तरह है जो धीरे-धीरे आपकी बचत को खोखला कर रही है। आज की फाइनेंशियल प्लानिंग में अगर आपने महंगाई को नहीं जोड़ा तो भविष्य में बड़ी मुश्किल हो सकती है।
गणित समझिए: 20 साल बाद ₹1 लाख की औकात क्या होगी?
महंगाई रातों-रात जेब खाली नहीं करती बल्कि दूध, स्कूल फीस और डॉक्टर के पर्चे पर बढ़ने वाले छोटे-छोटे रुपयों के जरिए आपके बजट पर हमला करती है। आइए इसे कैलकुलेशन से समझते हैं:
| विवरण |
आज की स्थिति |
20 साल बाद (6% महंगाई दर पर) |
| मासिक खर्च |
₹1,00,000 |
₹3,20,000 |
| सालाना खर्च |
₹12,00,000 |
₹38,40,000 |
यानी जिस लाइफस्टाइल को आप आज 12 लाख रुपये सालाना में मेंटेन कर रहे हैं उसी के लिए 2046 में आपको 38.40 लाख रुपये की जरूरत होगी। आप कोई ऐशो-आराम नहीं बढ़ा रहे होंगे बस बढ़े हुए बिल भर रहे होंगे।

रिटायरमेंट प्लानिंग की सबसे बड़ी गलती
ज्यादातर लोग मानते हैं कि रिटायरमेंट के लिए ₹1 करोड़ का फंड काफी है लेकिन समय का खेल देखिए आज का ₹1 करोड़ बहुत बड़ी रकम लगती है। 6% की औसत महंगाई के हिसाब से 20 साल बाद इस ₹1 करोड़ की वैल्यू उतनी ही होगी जितनी आज के ₹31 लाख की है। सरल शब्दों में 20 साल बाद उसी लाइफस्टाइल के लिए आपको कम से कम ₹3.2 करोड़ का फंड चाहिए होगा।
40 की उम्र के बाद का कड़वा सच
महंगाई के इस चक्रव्यूह में 40 साल की उम्र के बाद चुनौतियां और बढ़ जाती हैं:
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आमदनी की धीमी रफ्तार: 40 के बाद सैलरी बढ़ने की दर कम हो जाती है जबकि घर का किराया और मेंटेनेंस तेजी से बढ़ता है।
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मेडिकल खर्च: इलाज और हेल्थ इंश्योरेंस की महंगाई 8-10% की दर से बढ़ती है।
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कम जोखिम: इस उम्र में आप ज्यादा रिस्क नहीं ले सकते जिससे निवेश पर रिटर्न कम होने की संभावना रहती है।

सुरक्षित भविष्य के लिए क्या करें?
असली प्लानिंग भविष्य की सैलरी पर नहीं बल्कि आज की तैयारी पर टिकी होती है। अपनी बचत का लक्ष्य तय करते समय हमेशा 6-7% महंगाई दर जोड़कर चलें। जितना जल्दी निवेश शुरू करेंगे 'कंपाउंडिंग' का फायदा उतना ही ज्यादा मिलेगा। सिर्फ फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के भरोसे न रहें क्योंकि अक्सर इसका रिटर्न महंगाई दर को मात नहीं दे पाता। इक्विटी और अन्य एसेट्स में भी निवेश करें।