Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 Feb, 2026 02:30 PM

दुनिया एक ऐसे मुहाने पर खड़ी है जहां बारूद की गंध और सायरन की गूंज ने वैश्विक शांति को दांव पर लगा दिया है। मिडिल ईस्ट, जो दुनिया की ऊर्जा का केंद्र है, अब एक भीषण युद्ध की आग में झुलस रहा है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब केवल सीमाई झड़प नहीं,...
Israel Attacks Iran Impact: दुनिया एक ऐसे मुहाने पर खड़ी है जहां बारूद की गंध और सायरन की गूंज ने वैश्विक शांति को दांव पर लगा दिया है। मिडिल ईस्ट, जो दुनिया की ऊर्जा का केंद्र है, अब एक भीषण युद्ध की आग में झुलस रहा है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब केवल सीमाई झड़प नहीं, बल्कि एक पूर्ण विकसित युद्ध का रूप ले चुका है। तेहरान में हुए आज ताजे धमाकों ने न केवल ईरान की धरती को हिलाया है, बल्कि वैश्विक बाज़ारों में भी हड़कंप मचा दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हजारों मील दूर हो रही इस जंग की तपिश आपकी रसोई और आपकी जेब तक पहुंचने वाली है? आईए जानते है इजरायल और ईरान युद्ध का क्या असर पड़ने वाला है।
1. कच्चे तेल (Crude Oil) का उबाल: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लग सकती है आग
युद्ध का सबसे घातक और तत्काल प्रहार तेल की कीमतों पर होता है। ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में से एक है। यदि युद्ध लंबा खिंचता है या सप्लाई चेन बाधित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बेकाबू हो सकते हैं।
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भारत पर प्रभाव: भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 80% हिस्सा आयात करता है।
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महंगाई का चक्र: कच्चा तेल महंगा होने का मतलब है पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि। इससे ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ेगी, जिससे फल, सब्जियां और रोजमर्रा का सामान महंगा हो जाएगा।
2. सुरक्षित निवेश की दौड़: सोना-चांदी बन सकते हैं 'महंगे गहने'
जब दुनिया में अनिश्चितता और डर का माहौल होता है, तो निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने और चांदी में लगाते हैं। इसे वित्तीय भाषा में 'सेफ हेवन' (Safe Haven) कहा जाता है।
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रिकॉर्ड तोड़ तेजी: मांग बढ़ने से सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल आने की संभावना है।
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आम आदमी पर असर: भारत में शादियों का सीजन हो या निवेश, सोना खरीदना अब आम आदमी के बजट से बाहर हो सकता है।
3. शेयर बाजार में 'ब्लैक आउट': निवेशकों के डूब सकते हैं करोड़ों
युद्ध की खबरें शेयर बाजार के लिए किसी कयामत से कम नहीं होतीं। अनिश्चितता के कारण विदेशी और घरेलू निवेशक घबराकर बिकवाली शुरू कर देते हैं।
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सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट: इजरायल-ईरान युद्ध के कारण भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका है।
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जोखिम: छोटे निवेशकों के पोर्टफोलियो लाल निशान में जा सकते हैं, जिससे उनकी जमा पूंजी पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
4. रसोई गैस और हवाई सफर: चौतरफा मार
सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर भी इस युद्ध का साया है।
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LPG और CNG: युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन टूटने से रसोई गैस और सीएनजी की कीमतें बढ़ सकती हैं।
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विमान ईंधन (ATF): एयर टरबाइन फ्यूल महंगा होने से हवाई टिकटों के दाम आसमान छू सकते हैं, जिससे यात्रा करना खर्चीला हो जाएगा।