Edited By Pardeep,Updated: 27 Jan, 2026 04:19 AM

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खुब्बीपुरा निवाड़ा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां किराए के मकान में रह रहे 35 वर्षीय अनिल कुमार की संदिग्ध हालात में जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतक अनिल मूल रूप से सिरसली गांव का रहने वाला था।
नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खुब्बीपुरा निवाड़ा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां किराए के मकान में रह रहे 35 वर्षीय अनिल कुमार की संदिग्ध हालात में जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतक अनिल मूल रूप से सिरसली गांव का रहने वाला था।
किराए के कमरे में मिला जला हुआ शव
अनिल पिछले तीन महीनों से खुब्बीपुरा निवाड़ा गांव में मुस्तकीम के मकान में किराए पर रह रहा था। वह पास के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक ब्रेड फैक्टरी में काम करता था। रविवार दोपहर जब मकान मालिक ने देखा कि अनिल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है और काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई, तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से दूसरे रास्ते से कमरे के अंदर झांककर देखा गया, जहां अनिल का जला हुआ शव पड़ा मिला। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की शुरुआती आशंका: मोबाइल बैटरी फटने से लगी आग
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि अनिल के सिर के नीचे रखा मोबाइल फोन अचानक गर्म होकर उसकी बैटरी फट गई, जिससे आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अनिल गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटनास्थल से जला हुआ मोबाइल फोन, बिजली के जले हुए तार और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है।
दो दिन से फैक्टरी नहीं गया था अनिल
पुलिस ने बताया कि अनिल पिछले दो दिनों से फैक्टरी नहीं गया था। इसके अलावा उसका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा था, जिससे किसी को उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था। यही वजह है कि घटना का पता देर से चला।
फोरेंसिक और फायर ब्रिगेड टीम ने की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम, फोरेंसिक विशेषज्ञ और फायर ब्रिगेड की टीम। मौके पर पहुंची और पूरे कमरे की बारीकी से जांच की। सभी साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आग लगने के सही कारणों की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी सच्चाई
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत हादसा है या किसी साजिश का नतीजा। फिलहाल मामला संदिग्ध मानते हुए सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। अनिल के भाई प्रमोद का कहना है कि, “अगर मोबाइल की बैटरी फटी होती, तो सबसे पहले उसकी लीड और आसपास का सामान जलता। लेकिन मौके पर हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।”
परिजनों का आरोप है कि अनिल की हत्या कर शव को जलाया गया हो सकता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष, गहराई से और निष्कलंक जांच की मांग की है।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
फिलहाल पुलिस हादसा, तकनीकी खराबी और हत्या। तीनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले सभी सबूतों और रिपोर्ट्स का इंतजार किया जाएगा।