Edited By Mehak,Updated: 17 Jan, 2026 10:55 AM

वास्तु शास्त्र के अनुसार सुबह उठने के बाद दिखाई देने वाली चीज़ों का असर पूरे दिन पर पड़ता है। परछाई, टूटा आईना, जूठे बर्तन, बंद घड़ी और खंडित देवी-देवताओं की प्रतिमा को सुबह देखना अशुभ माना गया है। मान्यता है कि इन वस्तुओं को देखने से नकारात्मक...
नेशनल डेस्क : वास्तु शास्त्र को भारतीय संस्कृति में एक प्राचीन और महत्वपूर्ण विज्ञान माना गया है। इसके अनुसार, दिन की शुरुआत कैसे होती है, इसका सीधा असर हमारे मन, ऊर्जा और पूरे दिन के कार्यों पर पड़ता है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि सुबह आंख खुलते ही जो चीज़ें सबसे पहले दिखाई देती हैं, वे हमारे विचारों और दिन के परिणामों को प्रभावित करती हैं। इसी कारण कुछ चीज़ों को सुबह उठते ही देखना शुभ नहीं माना गया है। माना जाता है कि ऐसी वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती हैं और दिनभर परेशानियों का कारण बन सकती हैं। आइए जानते हैं उन चीज़ों के बारे में जिनसे सुबह-सुबह बचना चाहिए।
परछाई देखना
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सुबह नींद से जागते ही अपनी परछाई देखना अशुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि परछाई देखकर दिन की शुरुआत करने से मन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और ऊर्जा में कमी आ सकती है।
टूटा हुआ आईना
अगर घर में कोई आईना टूटा हुआ है, तो उसे सुबह देखने से बचना चाहिए। विशेष रूप से तैयार होते समय टूटा आईना देखना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे बने-बनाए काम बिगड़ सकते हैं और दिन में रुकावटें आ सकती हैं।
जूठे बर्तन
वास्तु के अनुसार, सुबह उठते ही रसोई में जूठे बर्तन देखना शुभ नहीं होता। कहा जाता है कि इससे घर में नकारात्मकता, तनाव और आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए रात में ही बर्तन साफ कर देना बेहतर माना जाता है।
बंद घड़ी
घड़ी समय और प्रगति का प्रतीक मानी जाती है। वास्तु शास्त्र में बंद या खराब घड़ी को अशुभ बताया गया है। सुबह उठते ही बंद घड़ी देखने से जीवन में रुकावटें और परेशानियां आने की मान्यता है।
खंडित देवी-देवताओं की प्रतिमा
सुबह के समय खंडित या टूटी हुई देवी-देवताओं की प्रतिमा को देखना या छूना भी वास्तु के अनुसार ठीक नहीं माना जाता। ऐसी प्रतिमाएं नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती हैं। मान्यता है कि खंडित प्रतिमाओं को सम्मानपूर्वक किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर देना चाहिए।