Edited By Mehak,Updated: 22 Feb, 2026 04:05 PM

घर में नकारात्मक ऊर्जा के संकेतों को पहचानना बहुत जरूरी है। अगर घर में कदम रखते ही डर या बेचैनी महसूस हो, अजीब आवाजें सुनाई दें, वस्तुएं अपनी जगह पर न हों, दुर्गंध महसूस हो या परिवार के सदस्यों की तबीयत बार-बार खराब हो, तो यह नकारात्मक शक्तियों का...
नेशनल डेस्क : वैदिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव तब बढ़ जाता है जब वह गलत कार्यों में संलिप्त हो या उसका घर वास्तु दोषों से ग्रस्त हो। इसके अलावा जन्म कुंडली में राहु-केतु या शनि की प्रतिकूल स्थिति भी जीवन में नकारात्मकता ला सकती है। नकारात्मक ऊर्जा जीवन और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है और घर की शांति भंग कर सकती है।
घर में प्रवेश करते ही मिलने वाले संकेत
1. घर में कदम रखते ही डर लगना :
अगर व्यक्ति घर की दहलीज में कदम रखते ही डर या बेचैनी महसूस करता है, तो इसे नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है। ऐसे मामलों में कुंडली की जांच और वास्तु विशेषज्ञ की सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है।
2. किसी का आसपास महसूस होना :
यदि घर में प्रवेश करते ही कोई मौजूद महसूस होता है या हल्की आवाजें सुनाई देती हैं, तो यह भी नकारात्मक शक्ति के होने का संकेत हो सकता है। यह संकेत व्यक्ति के मन और घर में असंतुलन को दर्शाता है।
3. तबीयत बार-बार खराब होना :
यदि घर के सदस्यों या व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति बार-बार बिगड़ती है, तो यह भी नकारात्मक प्रभाव का संकेत माना जाता है। ज्योतिष अनुसार इसका कारण राहु-केतु या शनि की प्रतिकूल स्थिति भी हो सकती है।
4. वस्तुओं का अपनी जगह पर न होना :
घर में प्रवेश करते ही यदि चीजें अपनी जगह पर नहीं दिखती हैं, तो यह संकेत है कि घर में नकारात्मक ऊर्जा मौजूद है। यह मानसिक और शारीरिक असंतुलन का कारण बन सकता है।
5. दुर्गंध का अनुभव होना :
यदि घर में कोई दुर्गंध महसूस होती है और उसका स्रोत स्पष्ट नहीं होता, तो इसे भी नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है। अक्सर यह वास्तु दोष के कारण होता है और समय रहते समाधान करने की सलाह दी जाती है।
नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के उपाय
- घर की साफ-सफाई : घर को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें।
- धूप, अगरबत्ती और पवित्र जल : घर में नियमित रूप से धूप, अगरबत्ती और पवित्र जल का उपयोग नकारात्मकता को कम करने में मदद करता है।
- वास्तु दोष सुधार : वास्तु विशेषज्ञ की सलाह लेकर घर में आवश्यक सुधार करवाना।
- ध्यान और प्रार्थना : नियमित ध्यान और प्रार्थना से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
- ज्योतिष सलाह : कुंडली में राहु-केतु या शनि के प्रतिकूल प्रभाव के उपाय करने से जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
घर और जीवन में नकारात्मक ऊर्जा के संकेतों को पहचानना और समय रहते उसका समाधान करना आवश्यक है। साफ-सुथरा, व्यवस्थित और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना न केवल स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए फायदेमंद है, बल्कि परिवार में खुशहाली भी लाता है।