Edited By Parveen Kumar,Updated: 20 Mar, 2026 09:23 PM

दिल्ली से कनाडा के वैंकूवर के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। इस घटना ने न केवल यात्रियों को घंटों तक परेशानी में डाला, बल्कि एयरलाइन को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
नेशनल डेस्क : दिल्ली से कनाडा के वैंकूवर के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। इस घटना ने न केवल यात्रियों को घंटों तक परेशानी में डाला, बल्कि एयरलाइन को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
उड़ान के बाद सामने आई बड़ी गलती
19 मार्च को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-185 ने दिल्ली से वैंकूवर के लिए उड़ान भरी थी। इस उड़ान में बोइंग 777-200 LR विमान का इस्तेमाल किया गया था। उड़ान सामान्य रूप से जारी थी, लेकिन करीब चार घंटे बाद एक गंभीर ऑपरेशनल चूक सामने आई।
ग्राउंड स्टाफ को पता चला कि वैंकूवर एयरपोर्ट पर जिस विमान मॉडल को लैंडिंग की अनुमति है, वह 777-300 ER है, जबकि उड़ान में इस्तेमाल हो रहा 777-200 LR वहां उतरने के लिए अधिकृत नहीं था। यह जरूरी जांच उड़ान से पहले की जानी चाहिए थी, लेकिन इसमें चूक हो गई।
पायलट को मिला वापसी का निर्देश
जैसे ही गलती का पता चला, तुरंत पायलट को विमान वापस दिल्ली लाने का निर्देश दिया गया। इसके बाद विमान ने हवा में ही दिशा बदली और करीब 9 घंटे की वापसी यात्रा के बाद सुरक्षित दिल्ली पहुंच गया। इस तरह कुल मिलाकर 13 घंटे की उड़ान बेकार चली गई।
यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था
फ्लाइट के वापस लौटने के बाद एयर इंडिया ने सभी यात्रियों के लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था की। अगले दिन 20 मार्च को यात्रियों को दूसरे विमान, बोइंग 777-300 ER के जरिए वैंकूवर के लिए रवाना किया गया। एयरलाइन ने इस घटना को ऑपरेशनल कारण बताते हुए यात्रियों से असुविधा के लिए माफी मांगी है।
सरकार ने एयरलाइंस पर कसा शिकंजा
इसी बीच, केंद्र सरकार ने हवाई यात्रियों के हित में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब एयरलाइंस मनमाने तरीके से सीट चयन के लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकेंगी। सरकार के नए नियमों के अनुसार, हर फ्लाइट में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध करानी होंगी।
जांच के बाद हो सकते हैं और सख्त कदम
इस घटना के बाद एयरलाइन संचालन प्रक्रियाओं पर सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा है कि जांच के आधार पर भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।