Edited By Parveen Kumar,Updated: 20 Mar, 2026 10:08 PM

गुजरात में नकली करेंसी छापने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में 500 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए, जिन्हें गिनने के लिए...
नेशनल डेस्क : गुजरात में नकली करेंसी छापने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में 500 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए, जिन्हें गिनने के लिए पुलिस को मशीन की मदद लेनी पड़ी।
योग गुरु निकला गिरोह का सरगना
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का मुख्य आरोपी सूरत के कामरेज इलाके में ‘श्री सत्यम योग फाउंडेशन’ चलाने वाला प्रदीप जोटंगिया है। वह लोगों को योग के जरिए गंभीर बीमारियों से राहत दिलाने का दावा करता था। पुलिस के मुताबिक, आर्थिक तंगी के चलते उसने नकली नोट छापने का अवैध कारोबार शुरू किया और अपने साथियों के साथ मिलकर एक नेटवर्क तैयार कर लिया।
आर्थिक संकट बना अपराध की वजह
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पैसों की कमी के कारण उन्होंने यह रास्ता अपनाया। गिरोह से जुड़ा एक अन्य सदस्य, जो जमीन के कारोबार से जुड़ा है, वह भी आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था। इसी कारण सभी ने मिलकर नकली नोट तैयार कर बाजार में खपाने की योजना बनाई, ताकि जल्द पैसा कमाया जा सके।
घर में ही चला रहे थे ‘मिनी प्रिंटिंग यूनिट’
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सूरत के सरथाणा इलाके में एक मकान के अंदर पिछले तीन महीनों से नकली नोटों की छपाई की जा रही थी। आरोपियों ने वहां कलर प्रिंटर, कटर मशीन और विशेष कागज का इस्तेमाल कर असली जैसे दिखने वाले नोट तैयार किए। बताया जा रहा है कि यह कागज विदेश से मंगाया गया था, जिससे नोटों की गुणवत्ता काफी हद तक असली जैसी लगती थी।
फॉर्च्यूनर कार से हो रही थी सप्लाई
गिरोह के सदस्य नकली नोटों को लग्जरी कार में भरकर अलग-अलग जगहों पर सप्लाई करने की योजना बना रहे थे। इसी दौरान अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने खुफिया सूचना के आधार पर वाहन को रोककर तलाशी ली। कार से बड़ी मात्रा में पैक किए गए नकली नोट बरामद हुए।
संगठित तरीके से काम कर रहा था गिरोह
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के हर सदस्य की अलग भूमिका तय थी। कोई कच्चा माल जुटाने का काम करता था, तो कोई ग्राहकों की तलाश में लगा रहता था। एक महिला आरोपी की भी इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका सामने आई है।
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।