Edited By Pardeep,Updated: 15 Jan, 2026 01:28 AM

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव से एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली घटना सामने आई है। यहां एक लावारिस थैले में रखी मिठाई ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। इस मिठाई को खाने से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि दो महिलाएं अस्पताल...
नेशनल डेस्कः मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव से एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली घटना सामने आई है। यहां एक लावारिस थैले में रखी मिठाई ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। इस मिठाई को खाने से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि दो महिलाएं अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं।
शुरुआत में इसे फूड पॉइजनिंग माना गया, लेकिन जैसे-जैसे मामले की परतें खुलीं, यह घटना साजिश या सुनियोजित हत्या की ओर इशारा करने लगी है। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह थैला वहां किसने रखा और आखिर क्यों रखा गया।फिलहाल इस मामले में सवाल बहुत हैं लेकिन जवाब किसी के पास नहीं हैं।
मिठाई बनी मातम की वजह
इस दर्दनाक घटना की सबसे ताजा शिकार बनीं 22 साल की खुशबू कथूरिया। बुधवार सुबह खुशबू ने नागपुर के एम्स अस्पताल में दम तोड़ दिया।
क्या हुआ खुशबू के साथ?
मंगलवार रात अचानक उसका ब्लड प्रेशर तेजी से गिर गया। शरीर के कई अंग काम करना बंद करने लगे, हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत नागपुर रेफर किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, खुशबू की मौत मल्टी ऑर्गन फेल्योर की वजह से हुई। खुशबू से पहले इसी मिठाई ने 11 जनवरी को चौकीदार दसारू यदुवंशी और 13 जनवरी को खुशबू के दादा सुंदरलाल कथूरिया की जान ले ली थी। एक ही मिठाई के डिब्बे ने हंसते-खेलते परिवार को गहरे मातम में बदल दिया।
कैसे शुरू हुआ मौत का यह सिलसिला?
यह खौफनाक कहानी शुरू होती है 9 जनवरी से।
उस दिन जुन्नारदेव में पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (PHE) विभाग के कार्यालय के बाहर एक लावारिस थैला पड़ा मिला। उस थैले में कच्ची सब्जियां और काजू लगे हुए महंगे पेड़े रखे थे। काफी देर तक जब कोई उस थैले को लेने नहीं आया, तो वहां तैनात चौकीदार दसारू यदुवंशी वह थैला अपने साथ ले गए।
चाय की दुकान पर बंट गई मौत
दसारू यदुवंशी ने वह मिठाई पास में चाय की दुकान चलाने वाले सुंदरलाल कथूरिया के परिवार के साथ खा ली। कुछ ही घंटों के अंदर सभी की तबीयत बिगड़ने लगी, उल्टी-दस्त शुरू हो गए और अचानक ब्लड प्रेशर गिर गया। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह से ब्लड प्रेशर गिरना और अंगों का फेल होना जहर खाने की ओर इशारा करता है।
क्या यह फूड पॉइजनिंग नहीं, साजिश है?
पुलिस अब मान रही है कि यह मामला सिर्फ फूड पॉइजनिंग का नहीं है। एडिशनल एसपी आशीष खरे के अनुसार मिठाई के डिब्बे पर किसी दुकान का नाम या पता नहीं था। आसपास की किसी दुकान पर ऐसे काजू जड़े पेड़े मिलते ही नहीं। इससे साफ होता है कि मिठाई कहीं बाहर से लाई गई थी और जानबूझकर वहां छोड़ी गई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी खास व्यक्ति या परिवार को निशाना बनाया गया था?
लव मैरिज से जुड़ा नया एंगल
इस मामले में अब एक और गंभीर पहलू सामने आया है।
मृतका खुशबू की बहन श्रद्धा कथूरिया ने आरोप लगाए हैं कि खुशबू की लव मैरिज हुई थी। ससुराल में उसके साथ मारपीट की जाती थी और पिछले दो महीनों से वह मायके में रह रही थी। श्रद्धा का कहना है कि खुशबू को लगातार धमकियां मिल रही थीं। गौर करने वाली बात यह भी है कि कथूरिया परिवार की चाय की दुकान उसी PHE ऑफिस के पास है जहां लावारिस थैला मिला था। पुलिस अब इस पारिवारिक रंजिश के एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश तो नहीं थी?
फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल मिठाई के नमूने, मृतकों का विसरा राज्य फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है। सुंदरलाल कथूरिया के पोस्टमार्टम में मौत का कोई साफ कारण सामने नहीं आया, जिससे मामला और भी उलझ गया है। जुन्नारदेव थाना प्रभारी राकेश बघेल के मुताबिक, नागपुर में खुशबू के पोस्टमार्टम के बाद यह साफ हो पाएगा कि जहर कौन सा था।