Edited By ,Updated: 29 Apr, 2015 07:29 PM

दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि कोई भी महिला अपनी मौजूदगी में अपने पति को किसी और के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाने देगी।
नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि कोई भी महिला अपनी मौजूदगी में अपने पति को किसी और के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाने देगी। पत्नी की मौजूदगी में अपनी विधवा भाभी से बलात्कार के आरोपी शख्स को बरी करते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की।
आरोपी को बलात्कार और धमकी देने के आरोपों से मुक्त करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने कहा, 'इस बात की संभावना नहीं है कि आरोपी की पत्नी कथित बलात्कार के वक्त महिला का मुंह दबाए रखेगी.....इस दुनिया में कोई भी पत्नी अपनी मौजूदगी में अपने पति को किसी और महिला से शारीरिक संबंध नहीं बनाने देगी और न ही वह ऐसा पसंद करेगी।' अदालत ने शिकायतकर्ता के इस दावे को भी मानने से इनकार कर दिया कि जब आरोपी उससे कथित बलात्कार कर रहा था, उस वक्त उसकी सास ने उसे बांध रखा था।
अदालत ने कहा, 'इस बात की संभावना कतई नहीं है कि करीब 78 साल की बुजुर्ग एक महिला के हाथ और पांव इसलिए बांधेगी ताकि उसका बेटा (आरोपी) उस महिला से शारीरिक संबंध बना सके।' न्यायाधीश ने कहा कि शिकायतकर्ता महिला और उसके ससुराल के लोगों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद था, इसलिए इस मामले में आरोपी को गलत तरीके से फंसाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने शिकायतकर्ता के बयान को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह 'विरोधाभासों ' भरा है जिससे यह मामला 'बहुत ज्यादा संदिग्ध' हो गया है।
अभियोजन के मुताबिक, महिला ने दिसंबर 2010 में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि उसके पति के निधन के बाद उसके ससुराल के लोग वह मकान हथियाना चाहते थे जो उसके नाम पर था। शिकायत में कहा गया कि एक बार तो उसके देवर ने कथित तौर पर उससे बलात्कार भी किया।