Edited By Tanuja,Updated: 04 Apr, 2026 06:23 PM

विदेश मामलों के विशेषज्ञ Robinder Sachdev ने कहा कि ईरानी तेल का रूट बदलना “फ्री मार्केट” का हिस्सा है, कोई असामान्य बात नहीं। उन्होंने United Nations को मौजूदा संकट में “असहाय” बताते हुए कहा कि समाधान केवल कूटनीति से ही संभव है।
International Desk: विदेश मामलों के जानकार Robinder Sachdev ने ईरानी कच्चे तेल के रूट बदलने पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह कोई असामान्य घटना नहीं है, बल्कि “फ्री मार्केट” का सामान्य हिस्सा है, जहां कीमत और जरूरत के हिसाब से तेल की दिशा बदल जाती है। सचदेव के अनुसार, तेल व्यापार में कई खरीदार और विक्रेता होते हैं। अगर किसी देश या कंपनी को बेहतर कीमत मिलती है, तो वह अपना माल दूसरे गंतव्य की ओर मोड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की कंपनियां जैसे Nayara Energy भी अपने व्यापारिक हितों के अनुसार फैसले लेती हैं।
United Nations की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में संयुक्त राष्ट्र कुछ खास नहीं कर सकता। उनका कहना है कि सुरक्षा परिषद में बड़े देशों के बीच मतभेद इतने गहरे हैं कि कोई ठोस फैसला लेना मुश्किल हो गया है, इसलिए UN फिलहाल “impasse” यानी गतिरोध की स्थिति में है। उन्होंने Strait of Hormuz को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम है। यहां तनाव बढ़ने से न सिर्फ आर्थिक असर पड़ता है, बल्कि समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है।
अमेरिका और Iran के बीच बढ़ते तनाव पर उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे, तो जवाबी कार्रवाई भी तेज होगी और हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने अंत में कहा कि इस संकट का हल सैन्य ताकत से नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति से ही निकल सकता है और यही रास्ता भारत भी हमेशा अपनाने की बात करता है।