Edited By Radhika,Updated: 26 May, 2025 12:49 PM

AIMIM अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बहरीन की राजधानी मनामा में भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव और आतंकवाद से संबंधित मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत ने 9 आतंकवादी कैंपों को निशाना बनाया, लेकिन पाकिस्तान ने...
नेशनल डेस्क: AIMIM अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बहरीन की राजधानी मनामा में भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव और आतंकवाद से संबंधित मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत ने 9 आतंकवादी कैंपों को निशाना बनाया, लेकिन पाकिस्तान ने मूर्खता का परिचय दिया। ओवैसी ने 9 और 10 मई को एयरबेस पर हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान को उसी दिन सबक सिखाया गया। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि भारत इस तरह की कार्रवाई नहीं चाहता लेकिन पाकिस्तान क्षेत्र में लगातार अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में लाने की वकालत
ओवैसी ने पाकिस्तान पर भारत में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच नफरत बढ़ाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ये आतंकी वहीं से आते हैं, इसलिए एक बहुत अच्छी बैठक हुई. हम उनसे यह भी कह रहे हैं कि पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में लाया जाना चाहिए।" ओवैसी ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि बहरीन 2026-27 में सुरक्षा परिषद का सदस्य बनने जा रहा है, इसलिए इस संदर्भ में भी पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में लाना बेहतर होगा।

बहरीन को भारत के योगदान से अवगत कराया
अपनी बैठक के दौरान ओवैसी ने बहरीन सरकार को यह समझाना ज़रूरी समझा कि भारत के लोगों ने बहरीन के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि बहरीन के सुरक्षा परिषद का सदस्य बनने की दिशा में भारत का समर्थन उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा. ओवैसी ने बहरीन सरकार से यह भी कहा कि भारत को अस्थिर करने के जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे सही नहीं हैं। उन्होंने कहा, "न तो यह दक्षिण एशिया के लिए अच्छा है, न ही इस क्षेत्र के लिए. भारत के विभिन्न हिस्सों से कई लोग यहां रहते हैं, इसलिए वे सभी इस बात पर सहमत हैं कि भारत के लोगों ने यहां बहुत बड़ा योगदान दिया है। हमने भी अपनी बात रखी।"
'पाकिस्तान एक हमलावर देश है, पीड़ित नहीं'
असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को "हमलावर देश" करार दिया और कहा कि वह "पीड़ित नहीं" है. उन्होंने बैठक में भारत का पक्ष रखते हुए बताया कि कई सालों से पाकिस्तान द्वारा सहायता प्राप्त और प्रशिक्षित आतंकवादी भारत में आतंकी हमले कर रहे हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। ओवैसी ने मुंबई धमाकों, ट्रेन धमाकों, जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सामने आत्मघाती हमले, पुलवामा और पठानकोट हमलों जैसे कई आतंकी घटनाओं का डेटा साझा किया।

उन्होंने दिसंबर 2023 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) पर प्रतिबंध लगाने की भारत की मांग का भी जिक्र किया। ओवैसी ने 15 अप्रैल को पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर के कश्मीर पर दिए गए भाषण के बारे में भी बात की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद TRF संगठन ने दो बार इसकी जिम्मेदारी ली, जो पाकिस्तान की संलिप्तता साबित करता है। भारतीय साइबर विशेषज्ञों द्वारा यह भी पाया गया है कि आतंकवादी गतिविधियों में लगे लोग पाकिस्तान की सेना के पास से इंटरनेट का उपयोग कर रहे थे।