Edited By Radhika,Updated: 02 Jan, 2026 01:52 PM

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पड़ोसी देश पाकिस्तान की 'आतंकवाद को राज्य नीति' के रूप में इस्तेमाल करने वाली आदत पर कड़ा प्रहार किया है। जयशंकर ने आईआईटी मद्रास में छात्रों और बुद्धिजीवियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को अपनी रक्षा करने का पूरा...
नेशनल डेस्क : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पड़ोसी देश पाकिस्तान की 'आतंकवाद को राज्य नीति' के रूप में इस्तेमाल करने वाली आदत पर कड़ा प्रहार किया है। जयशंकर ने आईआईटी मद्रास में छात्रों और बुद्धिजीवियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है और आतंकवाद के खिलाफ हमारी कार्रवाई क्या होगी, इसका फैसला सिर्फ हम करेंगे।
खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते
विदेश मंत्री ने सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) का जिक्र करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "आप हमसे यह उम्मीद नहीं कर सकते कि हम आपके साथ पानी साझा करते रहें और आप हमारे देश में आतंकवाद फैलाते रहें। अच्छे पड़ोसी संबंध समझौतों की बुनियाद होते हैं, लेकिन अगर दशकों तक आतंकवाद चलता रहा, तो ऐसे रिश्तों के फायदे भी नहीं मिल सकते।"

सुरक्षा पर बाहरी दबाव नामंजूर
जयशंकर ने साफ किया कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, उन्हें उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा, "कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए। हम अपनी सुरक्षा के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल कैसे करेंगे, यह हमारा संप्रभु फैसला है।"

2025 के पहलगाम हमले का संदर्भ
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी) के बाद से ही भारत ने पाकिस्तान के प्रति अपनी रणनीति को और सख्त कर दिया है। इसी हमले के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) चलाकर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था और सिंधु जल समझौते को स्थगित करने जैसे कड़े राजनयिक कदम उठाए थे।