Edited By Parveen Kumar,Updated: 09 Jan, 2026 07:36 PM

गुजरात की धरती एक बार फिर लगातार डोलती नजर आई है, जिससे लोगों के मन में किसी बड़े खतरे की आशंका गहराने लगी है। शुक्रवार को गुजरात के राजकोट जिले में कुछ ही घंटों के भीतर भूकंप के कई झटके महसूस किए गए। महज 4 घंटे में 9 बार धरती कांपने से स्थानीय...
नेशनल डेस्क: गुजरात की धरती एक बार फिर लगातार डोलती नजर आई है, जिससे लोगों के मन में किसी बड़े खतरे की आशंका गहराने लगी है। शुक्रवार को गुजरात के राजकोट जिले में कुछ ही घंटों के भीतर भूकंप के कई झटके महसूस किए गए। महज 4 घंटे में 9 बार धरती कांपने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। लोग घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए और बार-बार खुले स्थानों की ओर भागते नजर आए।
राजकोट जिले के उपलेटा इलाके में शुक्रवार सुबह से ही भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर पहला तेज झटका आया, जिसे लोगों ने साफ तौर पर महसूस किया। इसके बाद एक घंटे के भीतर ही छह और झटके दर्ज किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.7 से 3.8 के बीच रही। लगातार आ रहे झटकों ने लोगों की बेचैनी और डर को बढ़ा दिया।
इससे पहले गुरुवार रात 8 बजकर 43 मिनट पर भी 3.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। सभी झटकों का केंद्र उपलेटा से लगभग 27 किलोमीटर के आसपास बताया जा रहा है। उपलेटा के साथ-साथ धोराजी और जेतपुर इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल फैल गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। हालांकि डर का आलम यह रहा कि जेतपुर के कुछ स्कूलों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई।
गौरतलब है कि गुजरात में भूकंप का इतिहास काफी पुराना रहा है। वर्ष 2001 में आए विनाशकारी भूकंप ने हजारों लोगों की जान ले ली थी। कच्छ के साथ-साथ राजकोट क्षेत्र भी भूकंप संवेदनशील जोन में आता है। हाल के महीनों में भी यहां कई छोटे झटके दर्ज किए गए हैं। दिसंबर 2025 में गिर सोमनाथ और कच्छ में भी भूकंप आया था। विशेषज्ञों का मानना है कि प्लेटों की हलचल के कारण ऐसे झटके आते हैं और यह किसी बड़े भूकंप की चेतावनी भी हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मजबूत निर्माण पर ध्यान देने की जरूरत है।