Edited By Radhika,Updated: 29 Jun, 2026 12:20 PM

इस साल की अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। इस यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को अब जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) के सबसे संवेदनशील और खतरनाक हिस्से पर अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी।रामबन...
Amarnath Yatra 2026: इस साल की अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। इस यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को अब जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) के सबसे संवेदनशील और खतरनाक हिस्से पर अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी।रामबन जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी एटी-03 (AT-03) साउथ बाउंड टनल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। कुछ ही दिनों में इसे आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
'खूनी नाला' और पंथ्याल के खतरे होंगे बाईपास
दरअसल पिछले काफी समय से इस हिस्से से लैंजस्लाइड, पहाड़ों से पत्थर गिरने जैसी कई घटनाए सामने आई हैं। इसी के चलते इसे खूनी नाला भी कहा जाता है। इस टनल के शुरु होने से अमरनाथ यात्री और आम राहगीर इस खतरनाक रास्ते को पूरी तरह बाईपास कर सकेंगे। इसके अलावा बर्फबारी या फिर बारिश के दौरान इससे बीच का संपर्क नहीं टूटेगा। सुरक्षित सफर के साथ-साथ इससे यात्रा के समय में भी भारी कमी आएगी और हाईवे पर लगने वाले लंबे जाम से निजात मिलेगी।
₹846 करोड़ की लागत से हुआ टनल का निर्माण
इस महापरियोजना का निर्माण 'सरला प्रोजेक्ट वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा लगभग 846 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से किया गया है। यह टनल इस पूरे रोड कॉरिडोर के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है।