Edited By Pardeep,Updated: 15 Aug, 2026 11:36 PM

80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। भाषण की अवधि के लिहाज से इस बार का उनका संबोधन 75 मिनट का रहा, जो पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा और उनके अब तक के कार्यकाल का...
नेशनल डेस्कः 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। भाषण की अवधि के लिहाज से इस बार का उनका संबोधन 75 मिनट का रहा, जो पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा और उनके अब तक के कार्यकाल का चौथा सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण है। पिछले वर्ष (79वें स्वतंत्रता दिवस पर) प्रधानमंत्री मोदी ने 103 मिनट का भाषण दिया था, जो उनके कार्यकाल का अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस संबोधन था।
लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराकर बनाया नया रिकॉर्ड
इस वर्ष भले ही प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन अपेक्षाकृत संक्षिप्त रहा, लेकिन लगातार 13वीं बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित कर उन्होंने अपने नाम एक और बड़ा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है। लगातार देश को संबोधित करने के मामले में वह अब केवल भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से पीछे हैं, जिन्होंने लाल किले की प्राचीर से 17 बार देश को संबोधित किया था। गौरतलब है कि पिछले वर्ष उन्होंने लगातार 12 बार लाल किले से संबोधन देकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड तोड़ा था।
पीएम मोदी के भाषणों का सफरनामा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर 75 मिनट का संबोधन दिया, जो पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा और अब तक का चौथा सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा। पिछले वर्ष 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने 103 मिनट का भाषण दिया था, जो उनका अब तक का सबसे लंबा संबोधन था। इससे पहले उन्होंने 78वें स्वतंत्रता दिवस (2024) पर 98 मिनट का भाषण देकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा था। साल 2024 से पहले प्रधानमंत्री मोदी का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण 2016 में 96 मिनट का था, जबकि उनका सबसे छोटा भाषण 2017 में 56 मिनट का रहा था।
इतिहास के सबसे लंबे और छोटे भाषणों के रोचक आंकड़े
अगर लाल किले से दिए गए अन्य प्रधानमंत्रियों के भाषणों के इतिहास को देखें, तो प्रधानमंत्री मोदी से पहले जवाहरलाल नेहरू ने वर्ष 1947 में 72 मिनट और आई. के. गुजराल ने 1997 में 71 मिनट के सबसे लंबे भाषण दिए थे।
वहीं, लाल किले से सबसे छोटा भाषण देने का रिकॉर्ड भी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (1954) और इंदिरा गांधी (1966) के नाम संयुक्त रूप से दर्ज है, जिन्होंने केवल 14 मिनट का भाषण दिया था। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 2012 और 2013 के भाषण क्रमशः 32 मिनट और 35 मिनट के थे, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी के 2002 और 2003 के भाषण क्रमशः 25 मिनट और 30 मिनट के रहे थे, जो सबसे छोटे भाषणों की सूची में शामिल हैं।