दिल्ली में लागू हुई राह-वीर योजना: हादसे में घायल की मदद पर मिलेंगे ₹25,000

Edited By Updated: 23 Feb, 2026 09:16 PM

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राजधानी दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को तुरंत मदद दिलाने के उद्देश्य से ‘राह-वीर योजना’ लागू कर दी गई है। यह पहल केंद्र सरकार के Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) द्वारा संचालित है

नेशनल डेस्क: राजधानी दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को तुरंत मदद दिलाने के उद्देश्य से ‘राह-वीर योजना’ लागू कर दी गई है। यह पहल केंद्र सरकार के Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) द्वारा संचालित है, जिसे अब दिल्ली सरकार ने प्रभावी रूप से लागू करने का निर्णय लिया है।

योजना के तहत यदि कोई नागरिक किसी गंभीर सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’—यानी दुर्घटना के पहले एक घंटे के भीतर—अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाता है, तो उसे 25,000 रुपये की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

डर नहीं, मदद को बढ़ावा

दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कहा कि अक्सर लोग पुलिस जांच या कानूनी उलझनों के भय से दुर्घटना स्थल पर मदद करने से कतराते हैं। इस योजना का मकसद लोगों के मन से यही डर दूर करना है, ताकि वे बिना झिझक घायल को समय पर अस्पताल पहुंचा सकें।

विशेषज्ञों के अनुसार, दुर्घटना के बाद पहला घंटा—जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है—जीवन बचाने के लिए बेहद अहम होता है। सही समय पर उपचार मिलने से मौत के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

पात्रता

कोई भी व्यक्ति जो मोटर वाहन दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तुरंत सहायता देकर एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाए।

पुरस्कार

प्रति घटना 25,000 रुपये नकद

प्रशस्ति पत्र

(यदि एक व्यक्ति एक से अधिक घायलों की मदद करता है, तब भी अधिकतम राशि 25,000 रुपये ही होगी।)

राष्ट्रीय सम्मान

साल भर में देशभर से चुने गए 10 सर्वश्रेष्ठ राह-वीरों को 1 लाख रुपये का विशेष पुरस्कार दिया जाएगा।

कानूनी सुरक्षा

Motor Vehicles (Amendment) Act की धारा 134A के तहत ‘गुड सेमेरिटन’ नियम लागू हैं। मदद करने वाले व्यक्ति को कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा और उसकी सहमति के बिना पुलिस या कानूनी प्रक्रिया में नहीं उलझाया जाएगा।

चयन प्रक्रिया

जिला स्तर पर गठित समिति—जिसमें जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शामिल होंगे—मामलों की समीक्षा करेगी। चयनित व्यक्ति के बैंक खाते में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी।

योजना की अवधि

यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी (15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप)।

सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा

सरकार का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक प्रोत्साहन नहीं, बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों और सड़क सुरक्षा की संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास है। दिल्ली जैसे व्यस्त महानगर में, जहां प्रतिदिन हजारों वाहन सड़कों पर चलते हैं, यह पहल कई जिंदगियां बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है। अधिक जानकारी या आवेदन प्रक्रिया के लिए दिल्ली परिवहन विभाग या MoRTH की आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क किया जा सकता है।

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