Edited By Anu Malhotra,Updated: 12 Feb, 2026 11:50 AM

भोजपुरी जगत के 'पावर स्टार' पवन सिंह की निजी जिंदगी का विवाद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। आरा के कुटुंब न्यायालय में बुधवार को उस वक्त माहौल काफी भावुक हो गया, जब पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह जज के सामने अपने आंसू नहीं रोक पाईं। सुलह की...
नेशनल डेस्क: भोजपुरी जगत के 'पावर स्टार' पवन सिंह की निजी जिंदगी का विवाद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। आरा के कुटुंब न्यायालय में बुधवार को उस वक्त माहौल काफी भावुक हो गया, जब पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह जज के सामने अपने आंसू नहीं रोक पाईं। सुलह की कोशिशों के लिए बुलाई गई इस सुनवाई में ज्योति सिंह ने अपने दिल का हाल बयां करते हुए साफ कहा कि वह पिछले सात सालों से उपेक्षा का शिकार रही हैं।
कोर्ट रूम में भावुक हुईं ज्योति, पति के न आने पर जताई नाराजगी
इस महत्वपूर्ण सुनवाई के लिए ज्योति सिंह समय पर कोर्ट पहुंच गई थीं और घंटों अपने पति पवन सिंह का इंतजार करती रहीं। हालांकि, पवन सिंह अदालत में हाजिर नहीं हुए। उनके वकील की ओर से खराब सेहत और अस्पताल में भर्ती होने का तर्क दिया गया। कोर्ट में ज्योति सिंह ने जज को बताया कि शादी के इतने वर्षों बाद भी उन्हें न तो पति का स्नेह मिला और न ही रहने-खाने के लिए आर्थिक मदद। उन्होंने कहा कि वह आज भी पवन के साथ घर बसाने को तैयार हैं, लेकिन अगर पवन साथ नहीं रहना चाहते, तो उन्हें भविष्य के गुजारे के लिए 10 करोड़ रुपये का हर्जाना (मेंटेनेंस) चाहिए।
गंभीर आरोपों के साये में सात साल का रिश्ता
पवन और ज्योति की शादी साल 2018 में बलिया में हुई थी, लेकिन खुशियों की चमक ज्यादा दिन नहीं टिकी। साल 2021 में पवन सिंह ने तलाक की अर्जी दे दी थी, जिसके बाद से यह कानूनी लड़ाई चल रही है। ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर कई गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उन्होंने पवन पर मारपीट, गाली-गलौज, मानसिक प्रताड़ना और यहां तक कि दो बार जबरन गर्भपात कराने जैसे संगीन इल्जाम जड़े हैं। ज्योति का कहना है कि उन्होंने बहुत सहा है और अब वह अपने हक की लड़ाई लड़ रही हैं।
क्या सुलह की गुंजाइश बाकी है?
अदालत फिलहाल इस मामले को आपसी समझौते से सुलझाने की कोशिश कर रही है। कानून की नजर में तलाक से पहले एक बार सुलह का मौका दिया जाता है। अगर दोनों के बीच बात नहीं बनती है, तो फिर मेंटेनेंस की रकम और तलाक की कानूनी प्रक्रिया पर विस्तार से सुनवाई होगी। सोशल मीडिया पर भी फैंस दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं; जहां एक पक्ष ज्योति की हिम्मत की सराहना कर रहा है, वहीं दूसरा पक्ष पवन सिंह के बचाव में खड़ा है।
24 फरवरी पर टिकी हैं सबकी निगाहें बुधवार की सुनवाई बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हुई क्योंकि पवन सिंह मौजूद नहीं थे। अब कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 24 फरवरी 2026 की तारीख तय की है। देखना यह होगा कि क्या अगली तारीख पर पवन सिंह कोर्ट में हाजिर होकर अपना पक्ष रखते हैं या यह विवाद और लंबा खिंचेगा।