Edited By Ramanjot,Updated: 30 Jan, 2026 09:11 PM

आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले में सामने आए बहुचर्चित गोल्ड फाइनेंस चोरी कांड की गुत्थी आखिरकार सुलझा ली गई है।
नेशनल डेस्क: आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले में सामने आए बहुचर्चित गोल्ड फाइनेंस चोरी कांड की गुत्थी आखिरकार सुलझा ली गई है। चिंतलपुड़ी इलाके में स्थित कनकदुर्गा गोल्ड फाइनेंस से 4.5 किलो से अधिक सोने की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। हैरानी की बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल चोरी को किसी पेशेवर गिरोह ने नहीं, बल्कि कंपनी के अपने ऑडिट एग्जीक्यूटिव वडलमुडी उमा महेश ने अंजाम दिया था। चोरी हुए सोने की अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
ऑडिट के नाम पर निकाला सोना, बैग में भरकर हुआ फरार
पुलिस के मुताबिक, 9 सितंबर 2025 को उमा महेश विजयवाड़ा स्थित हेड ऑफिस से ऑडिट के लिए चिंतलपुड़ी ब्रांच पहुंचा था। नियमों की अनदेखी करते हुए उसने ग्राहकों के लॉकर से गिरवी रखे गए सोने के आभूषण बाहर निकलवाए और ऑडिट प्रक्रिया जारी रखी। दोपहर बाद उसने 378 पैकेट्स में रखा करीब 4.490 किलोग्राम सोना अपने बैग में भरा और बिना किसी को शक हुए मौके से गायब हो गया।
शाम तक जब ब्रांच मैनेजर को गड़बड़ी का अहसास हुआ, तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शुरुआती जांच, वाहन तलाशी और सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी के बावजूद आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
चार महीने बाद साइबर ट्रैकिंग से गिरफ्तारी
करीब चार महीने तक फरार रहने के बाद 28 जनवरी 2026 को एलुरु पुलिस की स्पेशल टीम ने साइबर सेल और आईटी कोर की मदद से आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने लगभग पूरा चोरी किया गया सोना बरामद कर लिया। आरोपी के पास से सिर्फ 6 ग्राम सोना, जिसे उसने अंगूठी बनवाकर रखा था, अलग पाया गया।
चोरी की वजह ने सबको चौंकाया
पूछताछ में सामने आया कारण और भी चौंकाने वाला रहा। उमा महेश ने बताया कि उसकी पत्नी भी उसी गोल्ड फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है। आरोप है कि कंपनी मालिक द्वारा पत्नी के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया गया था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया। गुस्से और तनाव में आकर उसने मालिक को सबक सिखाने के इरादे से यह कदम उठाया। हालांकि, यह फैसला उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा अपराध बन गया।
कहां का रहने वाला है आरोपी?
उमा महेश मूल रूप से नेल्लोर जिले के नायडुपेटा का निवासी है और उसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। पुलिस ने केस पूरी तरह सुलझाते हुए बरामद सोना कंपनी को सौंप दिया है।