Edited By Radhika,Updated: 07 Jan, 2026 04:25 PM

दिल्ली विधानसभा में बुधवार को भाजपा विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी के खिलाफ नारे लगाए और उनपर सिख गुरु तेग बहादुर का ‘‘अपमान'' करने का आरोप लगाया तथा अध्यक्ष के आसन के करीब जाकर बार-बार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए...
नेशनल डेस्क: दिल्ली विधानसभा में बुधवार को भाजपा विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी के खिलाफ नारे लगाए और उनपर सिख गुरु तेग बहादुर का ‘‘अपमान'' करने का आरोप लगाया तथा अध्यक्ष के आसन के करीब जाकर बार-बार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों ने सदन में आम आदमी पार्टी (आप) सदस्यों के खिलाफ नारे लगाए और आतिशी से माफी की मांग की।
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भाजपा सदस्यों के हाथों में पोस्टर भी थे। गुप्ता ने कहा कि उनके पास आतिशी के बयान की एक प्रति है और उन्होंने आतिशी से बैठक में शामिल होकर अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आतिशी ने जो कहा वह निंदनीय और पूरी तरह अस्वीकार्य है। पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी सदन में उपस्थित नहीं थीं। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद और कपिल मिश्रा सहित सत्तारूढ़ दल के कई सदस्यों ने आतिशी से माफी की मांग की।

सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा पिछले साल नवंबर में गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम पर हुई विशेष चर्चा के बाद विपक्ष की नेता ने गुरु तेग बहादुर के बारे में कुछ असंवेदनशील बातें कही हैं। दो बार के स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें विपक्षी आम आदमी पार्टी के विधायक मुकेश अहलावत ने बताया है कि आतिशी गोवा में हैं, जहां वह आप की प्रभारी हैं।
गुप्ता ने भाजपा विधायकों से अपने-अपने स्थान पर वापस जाने का आग्रह करते हुए सदन की बैठक सुचारू रूप से संचालित करने का प्रयास किया, लेकिन सत्तारूढ़ दल के सदस्यों द्वारा शोरगुल किया जाना जारी रहा। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।