Edited By Mehak,Updated: 17 Mar, 2026 04:55 PM

कान से जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये शरीर के संतुलन और दिमाग से भी जुड़े होते हैं। लगातार दर्द, सुनने में कमी, कान में आवाज आना, चक्कर या पस निकलना गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं। समय पर जांच न कराने से स्थिति बिगड़...
नेशनल डेस्क : अक्सर लोग कान से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं को हल्के में ले लेते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। कान सिर्फ सुनने के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर के संतुलन, दिमाग की कार्यक्षमता और ओवरऑल हेल्थ से भी जुड़े होते हैं। इसलिए समय रहते इनके संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।
क्यों जरूरी है समय पर ध्यान देना?
अगर कान में लगातार दर्द, भारीपन या बंद होने जैसा एहसास हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कान में मैल जमा होना, बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन, मिडिल ईयर की समस्या या यूस्टेशियन ट्यूब में गड़बड़ी। खासकर डायबिटीज के मरीजों को अधिक सावधान रहना चाहिए, क्योंकि उनके लिए कान का संक्रमण ज्यादा खतरनाक हो सकता है और गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है।
सुनने की क्षमता में कमी भी चेतावनी संकेत
अगर आपको बार-बार बात दोहराने के लिए कहना पड़ रहा है, टीवी की आवाज बढ़ानी पड़ती है या शोर में बातचीत समझने में दिक्कत होती है, तो यह सुनने की क्षमता कमजोर होने का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बुजुर्गों को हर साल हियरिंग टेस्ट जरूर कराना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी से जुड़ी समस्याएं भी सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। कई बार यह समस्या कान के पर्दे में छेद या मिडिल ईयर में पानी भरने के कारण भी होती है, जिसका इलाज संभव है।
कानों में आवाज आना और चक्कर आना
कई लोगों को कानों में घंटी बजने या भनभनाहट जैसी आवाज सुनाई देती है, जिसे टिनिटस कहा जाता है। यह समस्या इनर ईयर की गड़बड़ी, नसों को नुकसान या ज्यादा शोर के संपर्क में रहने से हो सकती है। इसके अलावा चक्कर आना, सिर घूमना या संतुलन बिगड़ना भी कान की अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में यह वर्टिगो या अन्य इनर ईयर डिसऑर्डर से जुड़ा होता है, जिसमें मरीज को अचानक चक्कर और मतली महसूस हो सकती है।
कान से पानी, पस या खुजली के संकेत
अगर कान से पानी या पस निकल रहा है, बदबू आ रही है या खुजली हो रही है, तो यह संक्रमण या कान के पर्दे में समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।बच्चों के मामले में विशेष सावधानी जरूरी है, क्योंकि वे कई बार छोटे खिलौने या अन्य चीजें कान में डाल लेते हैं। ऐसे में घर पर निकालने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है।