Edited By Mehak,Updated: 13 Feb, 2026 03:43 PM

हाल के दिनों में मौसम में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है, जिससे शरीर का संतुलन प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से बीपी और हार्ट मरीजों पर इसका असर ज्यादा पड़ता है। ऐसे समय में सिरदर्द, चक्कर, थकान, सांस की तकलीफ, पसीना ज्यादा आना और दिल की धड़कन...
नेशनल डेस्क : हाल के समय में देश के कई हिस्सों में मौसम का बदलाव तेज़ हो गया है। कहीं ठंड, कहीं नमी और कहीं हल्की गर्मी महसूस हो रही है। इस तरह के उतार-चढ़ाव से शरीर का सामान्य संतुलन बिगड़ सकता है, जिसका असर खासकर ब्लड प्रेशर (BP) और हार्ट मरीजों पर ज्यादा दिखता है।
इस दौरान मरीजों को कई तरह के लक्षण महसूस हो सकते हैं, जैसे:
- सिर में दर्द और चक्कर आना
- अचानक थकान या कमजोरी
- घबराहट या बेचैनी
- सीने में भारीपन या तेज दर्द
- सांस लेने में दिक्कत
- पसीना ज्यादा आना
- दिल की धड़कन असामान्य महसूस होना
- नींद में परेशानी या दिनभर सुस्ती
कुछ मरीजों को भूख कम लगना, काम में मन न लगना और सुबह उठते ही भारीपन महसूस होना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ये संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि शरीर बदलते मौसम के अनुसार अपने आप को ढाल नहीं पा रहा है।
बदलता मौसम BP और हार्ट मरीजों को कैसे प्रभावित करता है
एक कार्डियोलॉजिस्ट बताते हैं कि मौसम में अचानक बदलाव से शरीर को खुद को एडजस्ट करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
1. तापमान में उतार-चढ़ाव : ठंड, गर्मी या नमी अचानक बदलने से ब्लड प्रेशर असंतुलित हो सकता है। इससे हाई बीपी या लो बीपी की समस्या बढ़ जाती है।
2. नमी और हार्ट पर दबाव : ज्यादा नमी में दिल को शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए तेजी से काम करना पड़ता है, जिससे थकान और सांस फूलने की शिकायत हो सकती है।
3. पसीने से खनिज और पानी की कमी : पसीना ज्यादा आने पर शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है, जो हार्ट हेल्थ के लिए हानिकारक है।
4. दिनचर्या और नींद का असर : मौसम बदलने से खानपान, नींद और सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित होती है। यह आदतें लंबे समय में हार्ट से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकती हैं।
बचाव के उपाय
बीपी और हार्ट मरीजों को बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कुछ जरूरी सुझाव :
1. पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं – शरीर में पानी की कमी न होने दें।
2. संतुलित आहार लें – हल्का, घर का बना और कम नमक वाला भोजन फायदेमंद है।
3. मौसम के अनुसार कपड़े पहनें – अचानक ठंड या गर्मी से बचें।
4. हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें – लेकिन ज्यादा थकावट होने पर आराम भी जरूरी है।
5. तनाव कम रखें और खुद को शांत रखें – मानसिक शांति हार्ट के लिए महत्वपूर्ण है।
सावधान रहने की बातें
- बीपी और हार्ट मरीजों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और पल्स चेक करते रहना चाहिए।
- दवाइयों को समय पर लें और बिना डॉक्टर की सलाह कोई बदलाव न करें।
- पर्याप्त नींद लें और देर रात तक जागने से बचें।
- अगर सीने में तेज़ दर्द, ज्यादा घबराहट, बेहोशी या गंभीर सांस लेने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।