Edited By Mansa Devi,Updated: 30 Jan, 2026 06:05 PM

भारत में हर नागरिक के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। यह 12 अंकों का यूनिक डिजिट कोड होता है, जो व्यक्ति की पहचान को सुनिश्चित करता है। बच्चों के लिए जन्म के तुरंत बाद ही आधार कार्ड बनवाया जा सकता है, लेकिन पांच साल तक के बच्चों के लिए ब्लू आधार कार्ड...
नेशनल डेस्क: भारत में हर नागरिक के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। यह 12 अंकों का यूनिक डिजिट कोड होता है, जो व्यक्ति की पहचान को सुनिश्चित करता है। बच्चों के लिए जन्म के तुरंत बाद ही आधार कार्ड बनवाया जा सकता है, लेकिन पांच साल तक के बच्चों के लिए ब्लू आधार कार्ड जारी किया जाता है। ब्लू आधार कार्ड नीले रंग का होता है और इसका सबसे बड़ा अंतर सामान्य आधार कार्ड से केवल उम्र का है। यह केवल पांच साल तक वैध रहता है और पांच साल की उम्र पूरी होने के बाद इसे अपडेट कराना अनिवार्य होता है। ब्लू आधार कार्ड हमेशा माता-पिता के आधार कार्ड से लिंक किया जाता है।
छोटे बच्चों के लिए ब्लू आधार कार्ड बनवाने में आंखों की स्कैनिंग और फिंगरप्रिंट की आवश्यकता नहीं होती। पांच साल से कम उम्र के बच्चों की शारीरिक बनावट और निशान बदलते रहते हैं, इसलिए बच्चों की पहचान सिर्फ उनकी फोटो से ही सुनिश्चित की जाती है। वहीं पांच साल या पंद्रह साल की उम्र के बाद बायोमीट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य हो जाता है। ब्लू आधार कार्ड बनवाने के लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र आवश्यक होता है।
अगर जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, तो हॉस्पिटल की डिस्चार्ज स्लिप स्वीकार की जाती है। इसके साथ ही कार्ड को माता-पिता के आधार से लिंक करना भी जरूरी है। यदि बच्चा स्कूल जाता है, तो स्कूल आईडी कार्ड भी उपयोग किया जा सकता है। नवजात बच्चों के लिए UIDAI के अधिकारी घर पर आकर कार्ड बनवा सकते हैं।
बच्चे को लेकर आधार सेंटर जाना पड़ता है और फॉर्म भरना होता है। फॉर्म भरने के बाद बच्चे की फोटो ली जाती है और वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू होती है। वेरिफिकेशन के पूरा होने के दो महीने के भीतर कार्ड पोस्ट केमाध्यम से घर पर पहुंच जाता है। डिजिटल कॉपी UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड की जा सकती है। इसके अलावा, ब्लू आधार कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन भी संभव है।
इसके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की वेबसाइट पर लॉगिन करना होता है। सर्विस रिक्वेस्ट ऑप्शन पर क्लिक कर IPPB कस्टमर सेक्शन में जाकर चाइल्ड आधार एनरोलमेंट का विकल्प चुना जाता है। मांगी गई जानकारी भरकर सबमिट करने के बाद अधिकारी दस दिन के भीतर घर पर पहुंचकर बच्चे का आधार कार्ड बनाते हैं।
ब्लू आधार कार्ड बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने का पहला और अहम कदम है। यह न केवल सरकारी योजनाओं और लाभों के लिए जरूरी है, बल्कि भविष्य में आधार अपडेट और लिंकिंग की प्रक्रिया को भी आसान बनाता है। माता-पिता के लिए यह अपने बच्चों के लिए जिम्मेदारी का प्रतीक है कि वे समय पर इस प्रक्रिया को पूरा करें।