Edited By Ramanjot,Updated: 28 Jan, 2026 08:53 PM

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इंटरपोल और भारतीय इमिग्रेशन एजेंसियों के साथ मिलकर तीन अंतरराष्ट्रीय वांटेड अपराधियों को मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया।
नेशनल डेस्क: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इंटरपोल और भारतीय इमिग्रेशन एजेंसियों के साथ मिलकर तीन अंतरराष्ट्रीय वांटेड अपराधियों को मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया। तीनों आरोपी मलेशिया में संगठित अपराध से जुड़े गंभीर मामलों में वांछित थे और इनके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी था। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आरोपियों को सुरक्षित तरीके से मलेशिया डिपोर्ट कर दिया गया।
कैसे पकड़े गए तीनों आरोपी?
CBI से मिली जानकारी के अनुसार— आरोपी यूनाइटेड किंगडम (UK) से भारत पहुंचे थे।मुंबई एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच के दौरान उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद इंटरपोल की मलेशिया शाखा (NCB कुआलालंपुर) ने NCB नई दिल्ली से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रॉयल मलेशिया पुलिस की एक एस्कॉर्ट टीम 25 जनवरी 2026 को मुंबई पहुंची। CBI, इमिग्रेशन विभाग और अन्य भारतीय एजेंसियों के समन्वय से तीनों आरोपियों को 27 जनवरी 2026 को मलेशिया रवाना किया गया।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी?
डिपोर्ट किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है श्रीधरन सुब्रमण्यम, प्रतिफ कुमार सेल्वराज (या प्रतिफकुमार सेल्वराज),नविंद्रेन राज कुमारासन (या नविंद्रेन राज कुमरासन)। इन तीनों के खिलाफ मलेशिया में लंबे समय से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और ये कानून से बचते हुए अलग-अलग देशों में घूम रहे थे।
क्या हैं आरोप?
मलेशिया पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़े हुए थे। अवैध गतिविधियों के जरिए आर्थिक लाभ कमाने के आरोप। अपराध के जरिए ताकत और प्रभाव बढ़ाने की साजिश। लंबे समय से फरार रहने के कारण इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था। कुछ रिपोर्ट्स में इनका संबंध ‘गैंग कैप्टन प्राबा’ जैसे कुख्यात गिरोह से भी जोड़ा जा रहा है।
CBI का आधिकारिक बयान
CBI ने इस कार्रवाई को भारत और मलेशिया के बीच मजबूत पुलिस सहयोग का उदाहरण बताया है। एजेंसी के मुताबिक इंटरपोल रेड नोटिस सीमा पार अपराध से निपटने का प्रभावी हथियार बन रहा है। अंतरराष्ट्रीय समन्वय से ट्रांसनेशनल क्राइम पर लगाम लगाई जा रही है। यह ऑपरेशन वैश्विक स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सफल संयुक्त कार्रवाई को दर्शाता है।