छत्तीसगढ़: मजिस्ट्रेट को परिवार सहित खत्म करने की धमकी, पोस्ट के द्वारा पत्र भेज मांगे 3 करोड़

Edited By Updated: 10 Apr, 2026 11:29 AM

chhattisgarh magistrate threatened with death along with his family

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए तीन करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई है। यह धमकी भरा पत्र पोस्ट के जरिए भेजा गया। जिसके बाद मजिस्ट्रेट की शिकायत पर गुंडरदेही थाना में अपराध दर्ज कर लिया गया है...

नेशनल डेस्क। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए तीन करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई है। यह धमकी भरा पत्र पोस्ट के जरिए भेजा गया। जिसके बाद मजिस्ट्रेट की शिकायत पर गुंडरदेही थाना में अपराध दर्ज कर लिया गया है जीसकी जानकारी आज स्थानीय पुलिस ने दी। 

दरअसल यह पूरा मामला 27 मार्च 2026 का है। गुंडरदेही न्यायालय में पदस्थ प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन को दोपहर करीब 3.25 बजे उनके कार्यालय में पोस्टमैन द्वारा एक बंद लिफाफा सौंपा गया। लिफाफा खोलने पर उसमें मजिस्ट्रेट और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी साथ ही तीन करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की गई थी। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। जिस पर गुंडरदेही पुलिस ने बुधवार शाम 5 बजे अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गुंडरदेही थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन ने लिखित शिकायत में बताया है कि उन्हें प्राप्त बंद लिफाफे को खोलकर पढ़ने पर उसमें ॐ काली माता नम: ऊपर लिखा हुआ था। 

पत्र में सीधे तौर पर उन्हें संबोधित करते हुए फिरौती की मांग की गई है और गंभीर धमकी दी गई है। पत्र में लिखा गया है कि उनसे करोड़ों रुपए की फिरौती चाहिए, अन्यथा उन्हें और उनके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। साथ ही आरोप लगाया गया है कि वे रिश्वत लेकर गलत आदेश देते हैं और गरीबों को परेशान करते हैं। पत्र में उनके कार्यालय के कर्मचारियों पर भी पैसे लेकर फाइल गायब करने और आम लोगों को परेशान करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। 

इसमें यह भी लिखा गया है कि मजिस्ट्रेट को अपने पद का घमंड है और यदि मांगी गई राशि नहीं दी गई तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। धमकी भरे इस पत्र में खुद को नक्सली संगठन से जुड़ा बताया गया है और बस्तर, कांकेर, उड़ीसा व झारखंड क्षेत्रों में सक्रिय होने का दावा किया गया है। पत्र में आगे लिखा गया है कि ऐसे लोगों को मारकर देश को बचाना उनका उद्देश्य है। 

साथ ही मजिस्ट्रेट पर हाई कोटर् के आदेशों का उल्लंघन करने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया गया है। पत्र के अंत में खुद को नक्सली संगठन से जुड़ा बताते हुए चेतावनी दी गई है कि उन्हें कोई नहीं बचा सकता। 

गुंडरदेही थाना प्रभारी नवीन बोरकर ने बताया कि मामले में बीएनएस की धारा 308 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों के नेतृत्व में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को ढूंढ लिया जाएगा।

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