Operation Epic Fury: अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर बड़ा खुलासा- तेहरान के कैमरे किए हैक, 2.5 बिलियन डॉलर का किया खर्चा

Edited By Updated: 03 Mar, 2026 04:36 PM

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पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के पीछे अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एक बेहद महंगा और जटिल जाल बिछाया गया था। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन को...

Operation Epic Fury: पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के पीछे अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एक बेहद महंगा जाल बिछाया गया था। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अमेरिका ने अरबों डॉलर खर्च किए और आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर ईरान के सुरक्षा घेरे को भेद दिया।

ट्रैकिंग के लिए हैक किए गए सड़कों के कैमरे

एक रिपोर्ट के अनुसार, CIA ने खामेनेई की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए तेहरान की सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों तक को हैक कर लिया था। अक्टूबर 2023 में इजराइल पर हुए हमलों के बाद से ही अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ईरान में सक्रिय हो गई थीं। जमीनी स्तर पर तैनात एजेंटों और डिजिटल निगरानी के जरिए खामेनेई की पल-पल की हरकत पर नजर रखी जा रही थी।

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खुफिया ऑपरेशन पर खर्च हुए 2.5 बिलियन डॉलर

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे मिशन की लागत होश उड़ाने वाली है:

  • खुफिया ऑपरेशन: 2023 से 2025 के बीच ईरान में जानकारी जुटाने और ऑपरेशन को सफल बनाने में अमेरिका ने लगभग 2.5 बिलियन डॉलर (करीब 2 लाख 28 हजार करोड़ रुपये) खर्च किए।
  • सैन्य सहायता: इसी दौरान अमेरिका ने इजराइल को 21.7 बिलियन डॉलर का सैन्य पैकेज दिया और मध्य पूर्व में ऑपरेशंस के लिए 12.7 बिलियन डॉलर का अलग फंड सुरक्षित रखा।
  • सीआईए का बजट: नवंबर 2025 में सीआईए की उप निदेशक मैरी मार्गरेट ग्राहम ने एजेंसी का वार्षिक बजट 44 बिलियन डॉलर बताया था, जिसका एक बड़ा हिस्सा ईरान मिशन पर खर्च होने का अनुमान है।

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डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया और 'विजुअल प्रूफ'

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सफलता के बाद अमेरिकी खुफिया तंत्र की जमकर तारीफ की। उन्होंने इसे अमेरिका की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि खामेनेई उनकी ट्रैकिंग प्रणाली से बच नहीं सके। इजराइली मीडिया 'कान' के दावों के अनुसार, खामेनेई की मौत के बाद मोसाद के जरिए राष्ट्रपति ट्रंप और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को उनके शव की तस्वीरें/वीडियो भी दिखाए गए।

सीआईए के पूर्व एजेंट जॉन किरियाकू ने फरवरी 2026 की शुरुआत में ही संकेत दे दिए थे कि ईरान पर बड़ा हमला होने वाला है। खामेनेई, जो अपने पूरे जीवन में कभी अमेरिका नहीं गए और वाशिंगटन के सबसे मुखर विरोधी थे, लंबे समय से सीआईए की हिटलिस्ट में टॉप पर थे।

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