'भारत ने खोया अपना सच्चा दोस्त': खामेनेई की मौत पर भड़की RJD, सोशल मीडिया पर लिखा- 'अमेरिका जहां गया, वहां बर्बादी लाया'

Edited By Updated: 02 Mar, 2026 06:23 PM

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ईरान के सर्वोच्च नेता, 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है। जानकारी के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के एक साझा सैन्य अभियान, जिसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया है, के दौरान तेहरान...

Israel iran war: ईरान के सर्वोच्च नेता, 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है। जानकारी के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के एक साझा सैन्य अभियान, जिसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया है, के दौरान तेहरान स्थित उनके परिसर पर भीषण हवाई हमला किया गया। पिछले 37 वर्षों से ईरान की कमान संभाल रहे खामेनेई इस हमले का मुख्य निशाना थे। इस जॉइंट ऑपरेशन ने न केवल ईरान के नेतृत्व को खत्म किया है, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध की ज्वाला को और भड़का दिया है। ईरान में इस घटना के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया है।

RJD का तीखा हमला: 'इंसानियत के खिलाफ है यह प्रहार'
इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भारत में भी सियासत गरमा गई है। बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पार्टी ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'पूरी मानवता के विरुद्ध हमला' करार दिया। RJD ने अपने पोस्ट में लिखा कि इस हमले के कारण हजारों निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। पार्टी ने अयातुल्ला खामेनेई को भारत का एक पुराना दोस्त बताते हुए कहा कि उनकी 'शहादत' से देश ने एक सच्चा मित्र खो दिया है।

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अमेरिका की पुरानी रणनीति पर उठाए सवाल
RJD ने अपनी प्रतिक्रिया में केवल इस हमले की निंदा ही नहीं की, बल्कि अमेरिका की पिछली सैन्य कार्रवाइयों पर भी निशाना साधा। पार्टी ने इराक, लीबिया और सीरिया जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका ने जहाँ भी सैन्य हस्तक्षेप किया, वहां के नागरिकों का जीवन और पूरा देश पूरी तरह बर्बाद हो गया। RJD के अनुसार, किसी राष्ट्र के सर्वोच्च नेता की हत्या के उद्देश्य से किया गया ऐसा हमला वैश्विक शांति के लिए एक बेहद गंभीर और चिंताजनक संकेत है।

हमलों की जद में ईरान का पूरा सैन्य नेतृत्व
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में किए गए इस ऑपरेशन में केवल खामेनेई ही निशाना नहीं थे। इस स्ट्राइक में ईरान के रक्षा मंत्री आमिर नासिरज़ादेह और थल सेना प्रमुख मोहम्मद पाकपुर के आवासों को भी निशाना बनाया गया है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा हालात इतने खराब हो चुके हैं कि गल्फ देशों के प्रमुख हवाई अड्डों, जैसे कि दुबई एयरपोर्ट को फिलहाल बंद करना पड़ा है।

संकट में फंसे हजारों बिहारी: घरों में कैद होने की नौबत
युद्ध की इस आग का सीधा असर बिहार पर भी पड़ा है। दुबई, कतर और कुवैत जैसे देशों में बिहार के विभिन्न जिलों के हजारों लोग रोजी-रोटी के लिए काम करते हैं। हवाई सेवाएं ठप्प होने और युद्ध के कारण वे वहीं फंस गए हैं, जिससे बिहार में उनके परिजनों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य के नेताओं ने विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा है। लोगों को सुरक्षित रखने के लिए घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।
 

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