Edited By Pardeep,Updated: 18 Oct, 2026 12:04 AM

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार (17 अक्टूबर, 2026) को दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया है।
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार (17 अक्टूबर, 2026) को दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने अमेरिका से भारत वापस लौटने के अपने फैसले और उसके बाद जिंदगी में आए बदलावों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जिस दिन उन्होंने भारत आने का फैसला किया था, उन्हें भली-भांति पता था कि उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाएगी।
'जेल जाना तय था, कई चीजें छोड़नी पड़ीं'
अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्हें पहले से ही अंदाजा था कि इस राह में उन्हें बहुत सी चीजें छोड़नी पड़ेंगी, जिनके बारे में लोग कभी जान भी नहीं पाएंगे और न ही वे उन पर कभी बात कर पाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें यह भी अच्छी तरह मालूम था कि उनका जेल जाना तय है।
'परिवार के संघर्ष के लिए रोज खुद को कसूरवार महसूस करता हूं'
इंस्टाग्राम पर शेयर की गई पोस्ट में CJP संस्थापक ने परिवार के संघर्षों का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्हें पता था कि इस दौरान उनका परिवार किन परिस्थितियों से होकर गुजरेगा और इसके लिए वे हर रोज खुद को कसूरवार महसूस करते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि जो रास्ता उन्होंने चुना है वह आसान नहीं होगा और शायद वे उसमें पूरी तरह सफल भी न हो पाएं, लेकिन वे हर हाल में कोशिश जारी रखेंगे।
'अपनी किस्मत देश की जनता और संविधान को सौंपी'
उन्होंने कहा कि वे देश और देशवासियों के हित में जो सही होगा, उसका डटकर सामना करेंगे। उन्होंने लिखा कि जिस दिन उन्होंने भारत आने का फैसला किया था, उसी दिन उन्होंने अपनी किस्मत को देश की जनता और भारतीय संविधान के हाथों सौंप दिया था।
सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई का इंतजार
रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक और पोस्ट शेयर किया। इसमें उन्होंने अपनी पार्टी के दोनों सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि अब वे बस अपने दोनों भाइयों के रिहा होने का इंतजार कर रहे हैं।