Edited By Mansa Devi,Updated: 31 May, 2025 04:06 PM

कोरोना वायरस एक बार फिर भारत में सिर उठाने लगा है। साल 2020 में महामारी के जिस प्रकोप ने देशभर में हाहाकार मचा दिया था, वह अब पांचवीं बार वापसी करता दिख रहा है। इस बार भी स्थिति की शुरुआत उसी राज्य से हुई है, जहां सबसे पहले संक्रमण का मामला पाया गया...
नेशनल डेस्क: कोरोना वायरस एक बार फिर भारत में सिर उठाने लगा है। साल 2020 में महामारी के जिस प्रकोप ने देशभर में हाहाकार मचा दिया था, वह अब पांचवीं बार वापसी करता दिख रहा है। इस बार भी स्थिति की शुरुआत उसी राज्य से हुई है, जहां सबसे पहले संक्रमण का मामला पाया गया था—केरल। पिछले कुछ दिनों से देश के कई राज्यों में कोविड-19 के मामलों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में सक्रिय मामलों की संख्या 2000 से अधिक हो गई है, और सबसे ज्यादा केस केरल में दर्ज किए जा रहे हैं।
कोरोना केसों का राज्यवार आंकड़ा
केरल: 1147 एक्टिव केस
महाराष्ट्र: 424 केस
दिल्ली: 294 केस
गुजरात: 223 केस
तमिलनाडु: 148 केस
कर्नाटक: 148 केस
पश्चिम बंगाल: 100 से ज्यादा एक्टिव केस
पिछले 24 घंटे में 511 नए केस सामने आए हैं, जबकि 255 लोग ठीक भी हुए हैं। हालांकि अब तक स्थिति नियंत्रण में है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है।
नया वेरिएंट JN.1: डर नहीं, सतर्कता ज़रूरी
कोरोना के नए वेरिएंट JN.1 को लेकर डॉक्टरों ने बताया है कि इसके लक्षण पहले के मुकाबले काफी हल्के हैं। इसमें आमतौर पर:
- हल्का बुखार
- गले में खराश
- खांसी
- थकान
जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वेरिएंट से अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता कम पड़ रही है और सही देखभाल से मरीज घर पर ही ठीक हो सकते हैं।
सरकार की तैयारी और नई एडवाइजरी
बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें निम्न बिंदुओं पर ज़ोर दिया गया है-
- सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, ICU बेड और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता। सुनिश्चित की जाए।
- PPE किट और मास्क की पर्याप्त व्यवस्था हो।
- अस्पतालों में परीक्षण और ट्रैकिंग को बढ़ाया जाए।
- स्वास्थ्य संसाधनों की रिपोर्ट मंत्रालय को समय-समय पर भेजी जाए।
- मंत्रालय ने साफ किया है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी ढील से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
जनता के लिए सुझाव और सावधानियां
स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों ने आम जनता को भी कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है-
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क ज़रूर पहनें।
- हाथों को साबुन से धोते रहें या सैनिटाइज़र का प्रयोग करें।
- किसी भी तरह की सर्दी-जुकाम या बुखार के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाएं।
- सार्वजनिक कार्यक्रमों और अनावश्यक यात्रा से बचें।
कोरोना की वापसी: डर नहीं, ज़िम्मेदारी ज़रूरी
जहां एक ओर नया वेरिएंट अभी ज्यादा गंभीर रूप नहीं ले रहा, वहीं दूसरी ओर लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। कोरोना भले ही अब एक सामान्य संक्रमण की तरह व्यवहार कर रहा हो, लेकिन यह अनदेखा करने की गलती दोहराना नुकसानदेह हो सकता है। सरकार और जनता दोनों को मिलकर सतर्कता और ज़िम्मेदारी के साथ इस चुनौती का सामना करना होगा।