Edited By Anu Malhotra,Updated: 12 Jan, 2026 09:10 AM

ब्रेन ट्यूमर एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, लेकिन अगर इसके शुरुआती लक्षण समय रहते पहचान लिए जाएं तो इलाज संभव है। एक न्यूरोसर्जन के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेत अक्सर आम बीमारियों जैसे सिरदर्द या कमजोरी जैसे लगते हैं, इसी वजह से लोग इन्हें...
नेशनल डेस्क: ब्रेन ट्यूमर एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, लेकिन अगर इसके शुरुआती लक्षण समय रहते पहचान लिए जाएं तो इलाज संभव है। एक न्यूरोसर्जन के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेत अक्सर आम बीमारियों जैसे सिरदर्द या कमजोरी जैसे लगते हैं, इसी वजह से लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही बाद में जानलेवा साबित हो सकती है।
भारत में ब्रेन ट्यूमर क्यों बन रहा है बड़ी चिंता?
चिकित्सा शोध और ICMR के आंकड़ों के अनुसार, भारत में ब्रेन ट्यूमर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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हर साल देश में करीब 40,000 से 50,000 नए मरीज सामने आते हैं
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दुनिया भर के कुल ब्रेन ट्यूमर मामलों में भारत की हिस्सेदारी 2% से 5% के बीच मानी जाती है
भारत में ब्रेन ट्यूमर को सबसे घातक कैंसरों में गिना जाता है, क्योंकि अधिकतर मरीज अंतिम स्टेज में डॉक्टर तक पहुंचते हैं, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है।
क्या होता है ब्रेन ट्यूमर?
ब्रेन ट्यूमर तब बनता है जब दिमाग की कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव आ जाता है और वे असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं मिलकर एक गांठ बना लेती हैं, जिसे ट्यूमर कहा जाता है। चूंकि दिमाग एक कठोर खोपड़ी के अंदर होता है, इसलिए ट्यूमर के बढ़ने से अंदर दबाव बढ़ता है, जिसे इंट्राक्रैनील प्रेशर (ICP) कहा जाता है। इसी दबाव की वजह से सिरदर्द, उल्टी, धुंधली नजर और व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
ब्रेन ट्यूमर के प्रकार
ब्रेन ट्यूमर को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाता है:
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बेनाइन ट्यूमर: ये कैंसर नहीं होते और धीरे-धीरे बढ़ते हैं
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मैलिग्नेंट ट्यूमर: ये कैंसरयुक्त होते हैं और तेजी से फैलते हैं
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प्राइमरी ट्यूमर: जो सीधे दिमाग में बनते हैं
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सेकेंडरी ट्यूमर: जो शरीर के किसी अन्य हिस्से से दिमाग तक फैलते हैं
ब्रेन ट्यूमर के 8 अहम लक्षण
न्यूरोसर्जन के मुताबिक, ट्यूमर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि वह दिमाग के किस हिस्से में है। आम तौर पर दिखने वाले संकेत ये हैं:
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लगातार और तेज सिरदर्द, खासकर सुबह के समय
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बार-बार उल्टी या मतली महसूस होना
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अचानक दौरे पड़ना (कई बार यही पहला संकेत होता है)
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याददाश्त कमजोर होना या भ्रम की स्थिति
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बोलने या सुनने में परेशानी
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धुंधली या दोहरी नजर आना
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चलने में संतुलन बिगड़ना
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व्यवहार और सोच में बदलाव
अगर ट्यूमर दिमाग के आगे वाले हिस्से में हो, तो व्यक्ति के स्वभाव और निर्णय लेने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है?
कुछ लोगों में ब्रेन ट्यूमर का जोखिम सामान्य से अधिक होता है, जैसे:
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जिनके परिवार में पहले किसी को ब्रेन ट्यूमर रहा हो
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लंबे समय तक रेडिएशन के संपर्क में रहने वाले लोग
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40 से 50 वर्ष की उम्र के व्यक्ति
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पेंट, ईंधन या अन्य रसायनों के संपर्क में काम करने वाले लोग
क्या ब्रेन ट्यूमर से बचाव संभव है?
ब्रेन ट्यूमर से पूरी तरह बचाव का कोई पक्का तरीका नहीं है, लेकिन जोखिम कम किया जा सकता है:
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बिना जरूरत X-rey और सीटी स्कैन से बचें
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रेडिएशन और हानिकारक केमिकल्स से दूरी रखें
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हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं
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संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें
डॉक्टर की सलाह
अगर आपको लंबे समय तक सिरदर्द, उल्टी, नजर या व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण महसूस हों, तो इन्हें हल्के में न लें और तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच कराएं। समय पर पहचान ही ब्रेन ट्यूमर से बचाव की सबसे बड़ी कुंजी है।