Edited By Anu Malhotra,Updated: 12 Jan, 2026 09:16 AM

भारत सरकार सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और जिम्मेदार वाहन संचालन को बढ़ावा देने के लिए मोटर वाहन कानून में बड़े संशोधन ला रही है। केंद्र सरकार की योजना है कि लापरवाही या नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि किसी चालक के...
नेशनल डेस्क: भारत सरकार सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और जिम्मेदार वाहन संचालन को बढ़ावा देने के लिए मोटर वाहन कानून में बड़े संशोधन ला रही है। केंद्र सरकार की योजना है कि लापरवाही या नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि किसी चालक के पास ज्यादा चालान होंगे, तो भविष्य में उसके ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण रद्द किया जा सकता है और वाहन का बीमा प्रीमियम बढ़ सकता है।
सड़क सुरक्षा और कानून पालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित संशोधनों में यह भी शामिल है कि नियम उल्लंघन करने और जुर्माना न चुकाने वाले वाहन की आरसी (पंजीकरण) निलंबित की जा सके।
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की तैयारी
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इन प्रस्तावित बदलावों पर राज्यों के परिवहन मंत्रियों से चर्चा की है। कुल 61 संशोधन प्रस्तावित हैं, जिन्हें अगले बजट सत्र में संसद में पेश किया जा सकता है।
प्रस्तावित बदलाव और नियम
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चालक रिकॉर्ड आधारित लाइसेंस नवीनीकरण: ड्राइवर के चालान और सड़क पर व्यवहार के रिकॉर्ड के आधार पर लाइसेंस का नवीनीकरण तय होगा।
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तीन साल में लाइसेंस रद्द होने पर नया लाइसेंस नहीं मिलेगा।
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थर्ड पार्टी बीमा का दायरा बढ़ेगा: इसमें वाहन मालिक, चालक और निजी वाहन में सवार व्यक्ति शामिल होंगे।
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बीमा प्रीमियम चालान और वाहन उम्र के अनुसार तय होगा।
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बिना बीमा वाले वाहन जब्त किए जा सकेंगे।
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नियम उल्लंघन और लंबित जुर्माने पर वाहन की आरसी निलंबित की जा सकेगी।
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वाहन पंजीकरण की वैधता वाहन खरीद की तारीख से मानी जाएगी।
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स्कूली वाहनों की नई श्रेणी का निर्माण।
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स्टेज कैरिज बसों का 5 साल का परमिट राज्य स्तर पर दिया जाएगा।
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दोपहिया वाहनों को भी स्टेज कैरिज परमिट की सुविधा।
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वाहन एग्रीगेटर्स (कैरियर/राइड-शेयर) के लिए विशेष नियम लागू किए जाएंगे।
सरकार का मकसद
सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना, ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ाना और चालकों के जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना इन बदलावों के प्रमुख उद्देश्य हैं। इन कदमों से सड़क पर दुर्घटनाओं और अनियंत्रित वाहन संचालन को कम करने की उम्मीद है।