Edited By Parveen Kumar,Updated: 16 Jan, 2026 11:39 PM

पिछले वर्ष दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में 1,600 से अधिक लोगों की जान चली गई, जो पिछले सात वर्षों में राष्ट्रीय राजधानी में दर्ज की गई मौतों की सबसे अधिक संख्या है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। पिछले वर्ष 31 दिसंबर तक संकलित सड़क दुर्घटना...
नेशनल डेस्क: पिछले वर्ष दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में 1,600 से अधिक लोगों की जान चली गई, जो पिछले सात वर्षों में राष्ट्रीय राजधानी में दर्ज की गई मौतों की सबसे अधिक संख्या है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। पिछले वर्ष 31 दिसंबर तक संकलित सड़क दुर्घटना आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण के अनुसार, दिल्ली में 2025 में 1,578 घातक दुर्घटनाओं में 1,617 मौतें दर्ज की गईं।
यह 2019 के बाद से सबसे अधिक मृत्यु की संख्या है और 2024 की तुलना में स्पष्ट बढ़ोतरी को दर्शाती है, जब 1,504 घातक दुर्घटनाओं में 1,551 लोगों की मौत हुई थी। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो, पिछले वर्ष की तुलना में घातक दुर्घटनाओं में 4.92 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मौत की संख्या में 4.26 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
आंकड़ों से पता चला कि सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या में 0.57 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई, जो 2024 के 5,657 से बढ़कर 2025 में 5,689 हो गई। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की संख्या 2024 के 5,224 से बढ़कर 2025 में 5,314 हो गई, जो 1.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसके विपरीत, ऐसी दुर्घटनाएं जिसमें किसी को चोट नहीं लगी, उसमें 27.4 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जो 2024 में 84 मामलों से घटकर 2025 में 61 रह गईं। मामूली चोट लगने वाली दुर्घटनाओं में भी 0.5 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई, जो 4,069 मामलों से घटकर 4,050 मामले हो गईं।
सड़क सुरक्षा के रुझानों के दीर्घकालिक विश्लेषण से पता चलता है कि 2025, 2019 के बाद से दिल्ली की सड़कों पर सबसे घातक वर्ष के रूप में उभरा है। वर्ष 2019 में 1,433 घातक दुर्घटनाओं और 1,463 मौतों के बाद, कोविड-19 लॉकडाउन के कारण 2020 में आंकड़ों में गिरावट आई, जिसमें दिल्ली में 1,163 घातक दुर्घटनाएं और 1,196 मौतें दर्ज की गईं - जो लगभग दो दशकों में सबसे कम थी। तब से, घातक दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
वर्ष 2021 में घातक दुर्घटनाओं की संख्या 1,206 थी, जो 2022 में बढ़कर 1,428 और 2023 में 1,432 हो गई। इसके बाद, यह संख्या 2024 में बढ़कर 1,504 हो गई और 2025 में 1,578 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसी प्रकार, मौतों की संख्या 2021 में 1,239 से बढ़कर 2022 में 1,461, 2023 में 1,457, 2024 में 1,551 और अंततः 2025 में 1,617 हो गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बढ़ती मृत्यु दर यातायात घनत्व में वृद्धि, वाहनों की औसत गति में वृद्धि और शराब पीकर गाड़ी चलाना, ओवरस्पीडिंग, लाल बत्ती जंप करना और हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने जैसे लगातार उल्लंघनों को दर्शाती है।