EPFO New Update: अब फोन पर ही जानें PF बैलेंस और ट्रांजैक्शन डिटेल, PF खाताधारकों के लिए बड़ा फैसला

Edited By Updated: 20 May, 2026 11:20 AM

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EPFO: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने उपभोक्ताओं के लिए सेवाओं को आसान और तेज़ बनाने के लिए एक नया WhatsApp-आधारित चैटबॉट शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके जरिए यूजर को PF से जुड़ी जानकारी और सेवाएं बिना किसी दफ्तर जाए आसानी से मिल सकें।...

EPFO: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने उपभोक्ताओं के लिए सेवाओं को आसान और तेज़ बनाने के लिए एक नया WhatsApp-आधारित चैटबॉट शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके जरिए यूजर को PF से जुड़ी जानकारी और सेवाएं बिना किसी दफ्तर जाए आसानी से मिल सकें। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने जानकारी दी कि इस नई व्यवस्था के जरिए EPFO अपनी पहुंच को और व्यापक बनाएगा और शिकायतों के समाधान को तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में अधिकतर लोग पहले से ही WhatsApp का उपयोग करते हैं, इसलिए इसी प्लेटफॉर्म को चुना गया है ताकि सेवाएं ज्यादा सरल और सुलभ बन सकें।

 PF बैलेंस चेक कर सकेंगे
इस चैटबॉट के जरिए यूज़र अपने EPFO के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से बातचीत शुरू कर सकेंगे। शुरुआत करने के लिए केवल “Hello” भेजना होगा। इसके बाद सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से यूज़र को गाइड करेगा। यह सुविधा 24x7 उपलब्ध रहने की संभावना है, जिसमें PF बैलेंस, हाल के लेनदेन, क्लेम स्टेटस और अन्य बेसिक सेवाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

सरकार का कहना है कि यह चैटबॉट कई भारतीय भाषाओं में काम करेगा, जिससे अलग-अलग राज्यों के लोग अपनी भाषा में आसानी से सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। सुरक्षा के लिए यह सेवा केवल वेरिफाइड EPFO WhatsApp नंबर से ही उपलब्ध होगी, जिस पर ग्रीन टिक दिखाई देगा।

मंत्री ने यह भी बताया कि यह पहल उन यूज़र्स के लिए खास तौर पर मददगार होगी जिनकी KYC या आधार ऑथेंटिकेशन जैसी प्रक्रियाएं लंबित हैं, या जिनके बैंक अकाउंट से जुड़ी समस्याएं हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आने वाली समस्याओं को भी यह सिस्टम संभालेगा।

EPFO पहले से ही शिकायतों के निपटारे के लिए कई कदम उठा रहा है। “Nidhi Aapke Nikat” कार्यक्रम के तहत लंबित मामलों की पहचान कर उन्हें तेजी से निपटाया जा रहा है। सरकार के अनुसार, उपभोक्ता मामलों में लगातार कमी दर्ज की गई है—1 अप्रैल 2024 को जहां लगभग 4,936 मामले लंबित थे, वहीं मार्च 2026 तक यह संख्या घटकर 2,646 रह गई।

इसी तरह कुल लंबित मुकदमों की संख्या में भी गिरावट देखी गई है। 1 अप्रैल 2025 को 31,036 मामले लंबित थे, जो 1 अप्रैल 2026 तक घटकर 27,639 रह गए। वहीं 10 साल से अधिक पुराने मामलों में भी लगभग 45% की कमी दर्ज की गई है।

सरकार का मानना है कि WhatsApp चैटबॉट और डिजिटल सुधारों के जरिए EPFO सेवाएं ज्यादा तेज, पारदर्शी और यूज़र-फ्रेंडली बनेंगी, जिससे करोड़ों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा।

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