Edited By Anu Malhotra,Updated: 17 Jan, 2026 09:27 AM

एक आठ साल का बच्चा, जिसकी दुनिया अभी खेल और पढ़ाई तक सीमित होनी चाहिए थी, अचानक जिंदगी की सबसे कठिन परीक्षा से गुजर गया। मां की मौत के बाद यह मासूम अकेला ही उनके शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचा। यह घटना जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव की...
UP 8 year old child brings mother body for postmortem: एक आठ साल का बच्चा, जिसकी दुनिया अभी खेल और पढ़ाई तक सीमित होनी चाहिए थी, अचानक जिंदगी की सबसे कठिन परीक्षा से गुजर गया। मां की मौत के बाद यह मासूम अकेला ही उनके शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचा। यह घटना उत्तर प्रदेश के एटा जिले में जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव की है, जिसने इंसानियत और रिश्तों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्राम नगला धीरज की रहने वाली 45 वर्षीय नीलम काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। उनका इलाज एटा के मेडिकल कॉलेज में चल रहा था, जहां उनकी मृत्यु हो गई। इस दुखद घड़ी में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल में उस मासूम के साथ न तो कोई रिश्तेदार खड़ा था और न ही कोई गांव वाला।
इस छोटे से बच्चे का संघर्ष बहुत पहले ही शुरू हो गया था, क्योंकि एक साल पहले उसके पिता की भी HIV बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। पिता के जाने के बाद रिश्तेदारों ने मदद करने के बजाय उनकी संपत्ति पर नजरें गड़ा दीं और इस बेसहारा परिवार को अकेला छोड़ दिया। यह बच्चा अपनी बीमार मां को बचाने के लिए उन्हें लेकर फर्रुखाबाद, कानपुर और दिल्ली के कई अस्पतालों के चक्कर काटता रहा। पिछले 8 दिनों से वह खुद ही अस्पताल में मां की सेवा कर रहा था और दवाइयों से लेकर डॉक्टरों से बात करने तक की सारी जिम्मेदारी अकेले निभा रहा था।
जब मां ने दम तोड़ा, तब भी किसी अपने का दिल नहीं पसीजा और कोई कंधा देने तक नहीं आया। ऐसे में वह हिम्मत हारने के बजाय खुद ही मां के शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गया। बच्चे का कहना है कि उसके अपनों ने सिर्फ लालच के कारण उनसे मुंह फेर लिया है। फिलहाल, जैथरा पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को ढांढस बंधाया है और सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार कराने का भरोसा दिया है।