Edited By Rohini Oberoi,Updated: 14 Jun, 2026 09:42 AM

साउथ दिल्ली के कालकाजी इलाके में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक बहुमंजिला इमारत में स्थित रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते इमारत के अंदर रखे तीन बड़े कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर धमाके के साथ फट गए जिससे आग ने...
Delhi Accident : साउथ दिल्ली के कालकाजी इलाके में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक बहुमंजिला इमारत में स्थित रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते इमारत के अंदर रखे तीन बड़े कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर धमाके के साथ फट गए जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने मुस्तैदी दिखाते हुए न सिर्फ समय रहते आग पर काबू पाया बल्कि दूसरी मंजिल पर फंसी एक बुजुर्ग महिला को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
DFS के अनुसार सुबह करीब 4:45 बजे कालकाजी-गोविंद पुरी फ्लाईओवर के पास अंजलि ज्वैलर्स और देश बंधु गुप्ता कॉलेज के पास H-ब्लॉक में स्थित 'पंजाबी तड़का' रेस्टोरेंट में आग लगने की सूचना मिली। शुरुआती कार्रवाई में छह फायरफाइटिंग यूनिट शामिल थीं जिनमें दो वॉटर टेंडर, तीन वॉटर बाउज़र और एक ब्रीदिंग अपैरेटस सपोर्ट व्हीकल शामिल था।
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जैसे-जैसे आग फैली और संसाधन जुटाए गए। सुबह करीब 5:05 बजे, फायर अधिकारियों ने मेक-4 मैसेज जारी किया जिससे कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया और कुल नौ यूनिट तैनात की गईं जिनमें तीन वॉटर टेंडर, चार वॉटर बाउज़र, एक ब्रीदिंग अपैरेटस सपोर्ट व्हीकल और एक मल्टीपर्पस व्हीकल शामिल थे। आग बुझाने के ऑपरेशन की देखरेख असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर यशवंत और सरबजीत के साथ-साथ स्टेशन ऑफिसर फूल सिंह, मनीष कुमार और राज कुमार ने की।
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वहीं DFS ने सुबह करीब 5:40 बजे आग पर काबू पा लिया। सुबह 5:45 बजे स्टॉप मैसेज जारी किया गया जिसके बाद आग को दोबारा भड़कने से रोकने के लिए कूलिंग ऑपरेशन जारी रहा। DFS से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार आग से एक इमारत प्रभावित हुई जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीन ऊपरी मंजिलें थीं साथ ही तीसरी मंजिल की छत पर एक अस्थायी ढांचा भी था। घटना के दौरान तीन कमर्शियल LPG सिलेंडर फट गए जिससे आग और तेज हो गई और फायरफाइटर्स के लिए चुनौतियां बढ़ गईं।
इसके बाद आग को दोबारा भड़कने से रोकने के लिए काफी देर तक कूलिंग ऑपरेशन (मलबे को ठंडा करने का काम) चलाया गया। शुरुआती जांच में आग लगने की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस और फायर विभाग की टीमें शॉर्ट सर्किट या गैस लीकेज के एंगल से फिलहाल मामले की जांच कर रही हैं।