Blood Cancer Vaccine: 2,600 रुपए से कम में ब्लैडर कैंसर का इलाज? रूस की नई वैक्सीन आई बाज़ार में!

Edited By Updated: 02 Jan, 2026 03:46 PM

gamaleya center imuran vac develop blood cancer new vaccine

अब महंगे इलाज की चिंता खत्म होती दिखाई दे रही। दरअसल, रूस ने ब्लैडर कैंसर की नई वैक्सीन बनाई है, जिसकी कीमत 2,600 रुपए से भी कम है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय पर इसे लेने से यह कैंसर नियंत्रित या इलाज में मददगार साबित हो सकती है।

हेल्थ डेस्क:  अब महंगे इलाज की चिंता खत्म होती दिखाई दे रही। दरअसल, रूस ने ब्लैडर कैंसर की नई वैक्सीन बनाई है, जिसकी कीमत 2,600 रुपए से भी कम है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय पर इसे लेने से यह कैंसर नियंत्रित या इलाज में मददगार साबित हो सकती है। बता दें कि देश में ब्लैडर कैंसर तेजी से एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। यह बीमारी न सिर्फ मरीज की जिंदगी को प्रभावित करती है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है। WHO के आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 में भारत में ब्लैडर कैंसर के 22 हजार से अधिक नए मामले सामने आए थे, जिनमें करीब 12 हजार लोगों की मौत हो गई। लंबे समय से इस कैंसर के लिए किसी प्रभावी वैक्सीन का इंतजार किया जा रहा था। अब रूस की एक नई वैक्सीन को लेकर उम्मीद जगी है, जिसे ब्लैडर कैंसर के इलाज में इस्तेमाल किया जा रहा है।

'इमुरोन वैक' (Imuron Vac): रूसी वैक्सीन की खासियत

रूस के प्रसिद्ध गैमेलिया सेंटर द्वारा निर्मित इस वैक्सीन को चिकित्सा जगत में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।

क्या है ब्लैडर कैंसर और क्यों है यह जानलेवा?

मूत्राशय (Bladder) शरीर का वह अंग है जो मूत्र को एकत्रित करता है। जब इसकी अंदरूनी परतों में कोशिकाएं अनियंत्रित होकर गांठ या ट्यूमर का रूप ले लेती हैं, तो इसे ब्लैडर कैंसर कहा जाता है।

खतरे की घंटियां: इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

  1. मूत्र में रक्त: बिना किसी दर्द के पेशाब के साथ खून आना सबसे बड़ा लक्षण है।

  2. जलन और दर्द: पेशाब करते समय लगातार पीड़ा या चुभन महसूस होना।

  3. पीठ और पेट में दर्द: पेट के निचले हिस्से या कमर के किनारों में बना रहने वाला दर्द।

  4. अधूरा अहसास: बार-बार बाथरूम जाना और हर बार मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने का भ्रम।

स्टेज दर स्टेज बढ़ता जोखिम

  • शुरुआती दौर (स्टेज 1-2): कैंसर केवल ब्लैडर की परत तक होता है। यहाँ इलाज की सफलता दर बहुत अधिक है।

  • मध्यम दौर (स्टेज 3): ट्यूमर ब्लैडर की दीवारों को पार कर आसपास के ऊतकों तक पहुँच जाता है। यहाँ जोखिम बढ़ जाता है।

  • अंतिम दौर (स्टेज 4): जब कैंसर हड्डियों, फेफड़ों या लिवर तक फैल जाए, तो यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो जाती है।

बचाव का कवच: जीवनशैली में लाएं ये बदलाव

डॉक्टरों का मानना है कि सतर्कता ही सबसे बड़ा इलाज है। ब्लैडर कैंसर से बचने के लिए इन 5 बातों का गांठ बांध लें:

  • पर्याप्त जल का सेवन: दिनभर में 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि विषैले तत्व (Toxins) शरीर से बाहर निकलते रहें।

  • धूम्रपान को कहें ना: तंबाकू और सिगरेट मूत्राशय के कैंसर के सबसे बड़े कारक हैं।

  • नेचुरल डाइट: ताजे फल और हरी सब्जियों को अपने भोजन का अनिवार्य हिस्सा बनाएं।

  • पेशाब न रोकें: लंबे समय तक मूत्र रोकना मूत्राशय की कोशिकाओं पर दबाव डालता है, जो हानिकारक हो सकता है।

  • दवाओं का सीमित उपयोग: बिना डॉक्टरी सलाह के अत्यधिक पेनकिलर (दर्द निवारक) खाने से बचें।

 

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!