महिला को गर्भवती करो और 10 लाख पाओ! सामने आया ‘प्रेग्नेंट जॉब’ ठगी गैंग, जानिए पूरी कहानी

Edited By Updated: 10 Jan, 2026 06:20 AM

get a woman pregnant and get 10 lakh rupees

बिहार के नवादा जिले में एक बेहद चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक ऐसा गिरोह पकड़ा गया है, जो लोगों को यह झांसा देता था कि अगर वे नि:संतान महिलाओं को गर्भवती करेंगे, तो उन्हें 10 लाख रुपये का इनाम मिलेगा।

नेशनल डेस्कः बिहार के नवादा जिले में एक बेहद चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक ऐसा गिरोह पकड़ा गया है, जो लोगों को यह झांसा देता था कि अगर वे नि:संतान महिलाओं को गर्भवती करेंगे, तो उन्हें 10 लाख रुपये का इनाम मिलेगा।

असल में यह पूरा मामला फर्जी नौकरी और सस्ते लोन के नाम पर की जा रही ऑनलाइन ठगी का था। नवादा साइबर पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है।


पुलिस की कार्रवाई, SIT ने किया खुलासा

नवादा के पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के अनुसार इस मामले की जांच विशेष जांच टीम (SIT) कर रही थी। जांच के बाद हिसुआ थाना क्षेत्र के मनवा गांव निवासी रंजन कुमार (पिता – सुखदेव प्रसाद) को गिरफ्तार किया गया। एक नाबालिग आरोपी को भी हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था। इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 03/26 (दिनांक 7 जनवरी) के तहत बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

फर्जी कंपनियों के नाम से करते थे ठगी

पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को फंसाने के लिए फर्जी और आकर्षक नामों का इस्तेमाल करते थे, जैसे- धनी फाइनेंस, CBI सस्ते लोन, ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब और प्लेबॉय सर्विस। इन नामों से फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लुभावने विज्ञापन चलाए जाते थे।

ठग लोगों को कैसे बनाते थे शिकार?

ठगी का तरीका बेहद शातिर था। लोगों से कहा जाता था कि महिला को गर्भवती करने पर 10 लाख रुपये मिलेंगे, अगर काम सफल नहीं हुआ तो भी आधा पैसा देने का वादा किया जाता था। इसके बाद सुंदर या मॉडल जैसी दिखने वाली महिलाओं की फर्जी तस्वीरें भेजी जाती थीं।

  • लोगों को भरोसे में लेने के बाद

    • रजिस्ट्रेशन फीस

    • होटल बुकिंग चार्ज

    • मेडिकल खर्च

    • प्रोसेसिंग फीस जैसे बहानों से पैसे वसूले जाते थे।

यह वसूली तब तक चलती रहती थी, जब तक पीड़ित को यह समझ नहीं आ जाता था कि वह ठगी का शिकार हो चुका है।

बदनामी के डर से लोग नहीं करते थे शिकायत

पुलिस के अनुसार कई लोग इस तरह की ठगी का शिकार हुए, लेकिन सामाजिक बदनामी और शर्म के डर से वे पुलिस में शिकायत तक नहीं करते थे। इसी वजह से ठग लंबे समय तक खुलेआम लोगों को ठगते रहे। नवादा जिले में इससे पहले भी ऐसे कई साइबर ठगी गैंग सामने आ चुके हैं। कई मामलों में पहले भी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

पुलिस की आम लोगों से अपील

नवादा साइबर थाना इंचार्ज और नवादा के पुलिस उपाधीक्षक निशु मल्लिक ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले लालचभरे और अजीब दावों वाले विज्ञापनों पर भरोसा न करें। सस्ती नौकरी, आसान पैसा या असामान्य ऑफर
अक्सर ठगी का जाल होते हैं। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या विज्ञापन की जानकारी तुरंत साइबर थाना या साइबर हेल्पलाइन को दें।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!