दिल्ली, नोएडा नहीं... उत्तर प्रदेश का ये शहर नवंबर में रहा सबसे ज्यादा प्रदूषित

Edited By Updated: 07 Dec, 2025 03:28 PM

ghaziabad most polluted city india november crea report

CREA की रिपोर्ट के अनुसार नवंबर में गाजियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर बना, जहां पीएम 2.5 का औसत स्तर 24 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। AQI 19 दिन ‘बहुत खराब’ और 10 दिन ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। दिल्ली चौथे स्थान पर रही, जहां पीएम 2.5...

नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद जिला नवंबर महीने में पूरे देश का सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा है। यह खुलासा थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (CREA) की एक ताज़ा रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद में नवंबर में औसत पीएम 2.5 स्तर 24 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। यह आंकड़ा लोगों की चिंताओं को और बढ़ा देता है, क्योंकि देश के शीर्ष 10 प्रदूषित शहरों की सूची में अधिकतर नाम केवल दिल्ली-NCR के ही शामिल हैं। इस सूची में सबसे आखिरी स्थान पर हरियाणा का रोहतक है।

CREA रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में गाजियाबाद की एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) स्थिति बेहद चिंताजनक रही। महीनेभर में 19 दिन हवा 'बहुत खराब', 10 दिन 'गंभीर' और 1 दिन 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। नवंबर के टॉप 10 प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद के साथ उत्तर प्रदेश के छह, हरियाणा के तीन और दिल्ली शामिल हैं।

दिल्ली-NCR की हवा सबसे ज्यादा जहरीली
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिल्ली को छोड़कर अन्य सभी शहरों में पीएम 2.5 का स्तर पिछले वर्ष की तुलना में और अधिक दर्ज किया गया है। यह तथ्य अत्यंत चिंताजनक है कि शीर्ष 10 प्रदूषित शहरों की सूची में केवल दिल्ली-NCR इलाके ही शामिल हैं, जो यह दर्शाता है कि NCR की वायु गुणवत्ता अब सांस लेने योग्य सीमा से काफी नीचे जा चुकी है।

अक्टूबर के मुकाबले दोगुना बढ़ा प्रदूषण
CREA रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर में दिल्ली देश का चौथा सबसे प्रदूषित शहर रही। यहां मासिक औसत पीएम 2.5 स्तर 215 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो अक्टूबर के मुकाबले लगभग दोगुना है। दिल्ली में नवंबर के 23 दिन ‘बहुत खराब’, 6 दिन ‘गंभीर’, और 1 दिन ‘खराब’ श्रेणी में वायु गुणवत्ता दर्ज की गई।

इस बार 7% जली पराली  
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि इस साल पराली जलाने की घटनाओं में कमी देखने को मिली है, फिर भी दिल्ली के प्रदूषण में पराली की हिस्सेदारी करीब 7% रही। यह पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है, जबकि वर्ष 2024 में यह हिस्सेदारी 20% तक थी।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!