Gold Price Drop: युद्ध के माहौल में भी गिर रहे सोने के दाम, 4 दिनों में इतना टूटा Gold; ये हैं 5 मुख्य कारण

Edited By Updated: 06 Mar, 2026 06:50 PM

gold prices fall sharply these are the 5 main reasons

वैश्विक अनिश्चितता और ईरान युद्ध के तनाव के बावजूद भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

Gold Price Drop: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध की आहट के बीच आमतौर पर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की कीमतों में जो उछाल आना चाहिए था, इस बार बाजार की चाल उसके ठीक उलट नजर आ रही है। मार्च 2026 की शुरुआत के साथ ही सर्राफा बाजार में कीमतों के टूटने का सिलसिला जारी है। विशेष रूप से 2 मार्च के बाद से कीमतों में आई भारी गिरावट ने न केवल निवेशकों को चौंका दिया है, बल्कि आम खरीदारों के लिए खरीदारी का एक सुनहरा अवसर भी पैदा कर दिया है। 

कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट: एक नज़र में 

आज बाजार खुलते ही 24 कैरेट सोने की कीमतों में प्रति ग्राम 163 रुपये की बड़ी कटौती दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद की ताजा स्थिति कुछ इस प्रकार है:

 

प्रति इकाई पुरानी कीमत (5 मार्च) नई कीमत (आज) कुल गिरावट
1 ग्राम (24K) 16,451 रुपये 16,288 रुपये 163 रुपये 
10 ग्राम (1 तोला) 1,64,510 रुपये 1,62,880 रुपये 1,630 रुपये
100 ग्राम 16,45,100 रुपये 16,28,800 रुपये 16,300 रुपये

 

क्यों गिर रहे हैं दाम? ये हैं 5 मुख्य कारण 

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध के माहौल में भी सोने के भाव गिरने के पीछे ये पांच बड़े तकनीकी कारण जिम्मेदार हैं: 

डॉलर की 'सुपर' मजबूती: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। डॉलर मजबूत होने से विदेशी निवेशकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग में कमी आई है। 

प्रॉफ़िट बुकिंग का दौर: पिछले महीनों में आई रिकॉर्ड तेजी के बाद बड़े संस्थानों और निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी है, जिससे कीमतों पर दबाव बना है। 

ब्याज दरों का डर: फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। सोना एक 'नॉन-यील्डिंग' एसेट है (इस पर ब्याज नहीं मिलता), इसलिए लोग बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर भाग रहे हैं। 

कच्चे तेल और लिक्विडिटी का असर: पश्चिम एशिया तनाव से कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं। इससे निपटने के लिए केंद्रीय बैंक सख्त मौद्रिक नीति अपना सकते हैं, जिससे बाजार में नकदी (Liquidity) कम होती है और कमोडिटी मार्केट प्रभावित होता है। 

बॉन्ड यील्ड में उछाल: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने के कारण सुरक्षित और निश्चित रिटर्न की तलाश में निवेशकों ने सोने से हाथ खींचकर बॉन्ड मार्केट में पैसा लगाना शुरू कर दिया है। 

बाजार का मिजाज 

कीमतों में लगातार चार दिनों से जारी इस गिरावट ने ज्वैलर्स और ग्राहकों के बीच हलचल बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गिरावट का यह दौर जारी रहा, तो शादियों के सीजन से ठीक पहले रिटेल मार्केट में सोने की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।
 

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